नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। चीन के तियानजिन शहर में हुए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात चर्चा का बड़ा विषय बन गई। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय वार्ता में रिश्तों की मजबूती और वैश्विक शांति पर खुलकर बात की गई है।
पुतिन बोले- रिश्तों को और ऊंचाई देने का समय आ गया है
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि भारत-रूस संबंध ‘सिद्धांतों पर आधारित और बहुआयामी’ हैं। उन्होंने पीएम मोदी को दोस्त बताते हुए कहा कि हमारे रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। पुतिन ने पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान कहा, “आपसे मिलकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। भारत और रूस के बीच बहुत अच्छे और गहरे रिश्ते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 21 दिसंबर 2025 को भारत-रूस संबंधों को विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी” का दर्जा मिलने की 15वीं वर्षगांठ है।
”हमेशा कठिन परिस्थितियों में साथ खड़े रहे”
पीएम मोदी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि भारत, यूक्रेन में शांति स्थापित करने के सभी हालिया प्रयासों का स्वागत करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस दिशा में ठोस रास्ते तलाशने होंगे। मोदी ने कहा कि भारत-रूस का करीबी सहयोग वैश्विक स्थिरता और समृद्धि के लिए जरूरी है। बैठक ऐसे समय पर हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर दबाव बनाया है। भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया है, जिससे भारतीय व्यापारियों को कुल 50% तक टैक्स चुकाना पड़ रहा है। इसके बावजूद दोनों देशों ने अपने रिश्तों को और मजबूत करने का संदेश दिया। पीएम मोदी ने पुतिन को दिसंबर में होने वाले भारत-रूस शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्योता दिया। दोनों नेताओं ने इस मुलाकात को रिश्तों को गहरा करने और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने का अवसर बताया।
PM मोदी ने दिया भारत आने का न्योता
पीएम मोदी ने पुतिन से कहा, “आपसे मिलना हमेशा एक यादगार अनुभव रहा है। इस बार 140 करोड़ भारतीय दिसंबर में होने वाले हमारे 23वें शिखर सम्मेलन के लिए आपकी भारत यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मोदी ने जोर दिया कि यह साझेदारी की गहराई और मजबूती को दर्शाता है।
पुतिन ने मोदी को बताया दोस्त
पुतिन ने पीएम मोदी को अपना दोस्त बताते हुए कहा कि भारत रूस का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। उन्होंने भरोसा जताया कि यह मुलाकात रिश्तों को और गहरा करेगी। वहीं मोदी ने कहा कि भारत-रूस संबंध वैश्विक शांति और सहयोग के लिए अहम हैं। तियानजिन की इस मुलाकात ने यह साफ कर दिया कि भारत और रूस की दोस्ती किसी भी परिस्थिति में और मजबूत होती जाएगी।





