नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । पाकिस्तान के कराची शहर में मुस्लिम कलाकारों द्वारा रामायण का मंचन किया गया, जिसे लेकर देश-विदेश में नाट्य समूह की सराहना हो रही है। यह मंचन सप्ताहांत में कराची आर्ट्स काउंसिल में आयोजित किया गया था। कराची के ‘मौज’ थिएटर ग्रुप ने इस प्रस्तुति के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग किया।
जहां एक ओर पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं, वहीं इस रामायण मंचन को लेकर भी कुछ आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं। इसके बावजूद, कार्यक्रम को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही। इस मंचन के निर्देशक योहेश्वर करेरा ने कहा, “मुझे कभी यह महसूस नहीं हुआ कि रामायण जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुति से लोग मुझे नापसंद करेंगे या हमें किसी प्रकार की धमकी का सामना करना पड़ेगा।”
पाकिस्तानी समाज अपेक्षा से अधिक सहिष्णु है : योहेश्वर करेरा
रामायण के मंचन को लेकर निर्देशक योहेश्वर करेरा ने कहा कि इस महाकाव्य को रंगमंच पर साकार करना उनके लिए एक अद्भुत दृश्यात्मक अनुभव रहा। उन्होंने यह भी कहा कि, “यह मंचन इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तान का समाज जितना बाहर से कठोर या असहिष्णु माना जाता है, असल में वह उससे कहीं अधिक सहिष्णु है।” करेरा ने आगे बताया कि इस नाटक को दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है और कई समीक्षकों ने इसके मंचन, निर्देशन और कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना की है।
पाकिस्तानी फिल्म समीक्षक ने रामायण मंचन की सराहना की
पाकिस्तान के कला और फिल्म समीक्षक ओमैर अलवी ने रामायण के मंचन की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे इस प्रस्तुति की सादगी और कहानी कहने की ईमानदारी से प्रभावित हुए। उन्होंने बताया कि मंचन के दौरान लाइट व्यवस्था, संगीत, कलाकारों के रंगीन परिधान और भावनात्मक रूप से सेट डिजाइन ने इस नाटक को एक भव्य अनुभव में बदल दिया। ओमैर अलवी ने कहा, “रामायण एक ऐसी कथा है, जो दुनिया भर में लाखों लोगों की भावनाओं से गहराई से जुड़ी हुई है।”
क्या बोलीं सीता की भूमिका निभाने वाली कलाकार ?
कराची में हुए रामायण मंचन में माता सीता की भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री और निर्माता राणा काजमी ने कहा कि वह इस महान और प्राचीन कथा को दर्शकों के सामने एक सजीव अनुभव के रूप में प्रस्तुत करने के विचार से बेहद उत्साहित थीं।





