नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान पर हवाई हमला किया है। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने शुक्रवार रात पक्तिका प्रांत के अरगुन और बरमल जिलों में एयर स्ट्राइक की। बताया जा रहा है कि इन हमलों में रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया। हालांकि, अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
युद्धविराम के बीच पाकिस्तान का हमला
अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात की ओर से अब तक इस हमले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह हमला ऐसे वक्त हुआ है जब अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच अस्थायी युद्धविराम को हाल ही में दोहा वार्ता के समापन तक बढ़ाया गया था। हालांकि, पाकिस्तानी हवाई हमले के बाद अब दोनों देशों के बीच युद्धविराम टूटने की आशंका बढ़ गई है और अफगान पक्ष की जवाबी कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है।
शहबाज शरीफ बोले- तालिबान से बातचीत को तैयार
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गुरुवार को कहा था कि वह तालिबान के साथ शांति वार्ता के लिए तैयार हैं। फेडरल कैबिनेट की बैठक में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन यह संवाद ‘वाजिब और एक-दूसरे के सम्मान’ पर आधारित होना चाहिए। शहबाज शरीफ ने अफगानिस्तान पर जंग का रास्ता अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा अफगानिस्तान को भाई की तरह माना और शांति बहाली के लिए हर संभव प्रयास किया। उन्होंने यह भी कहा कि अब यह अफगानिस्तान पर निर्भर करता है कि वह स्थायी सीजफायर चाहता है या नहीं। बता दें कि पाकिस्तान इससे पहले भी काबुल में हवाई हमले कर चुका है, जिसके जवाब में अफगानिस्तान ने पाकिस्तान में एक घर पर ड्रोन हमला किया था।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान ने एक-दूसरे पर साधा निशाना
दुनियाभर के देशों ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से संयम बरतने और शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय और बढ़ गया है। दोनों एक-दूसरे पर लगातार हमले और आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगा रहे हैं। तनाव तब बढ़ा जब पाकिस्तान ने काबुल में दो हवाई हमले किए, जिसके बाद तालिबान ने भी जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद दोनों देशों ने बुधवार को 48 घंटे के युद्धविराम पर सहमति जताई। दोनों ही पक्षों ने दावा किया कि सीजफायर की पहल दूसरे ने की थी।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि अफगान सरजमीं से आतंकी गतिविधियां हो रही हैं, जिनमें पाकिस्तानी सैनिकों और निर्दोष लोगों की जान गई है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने कई बार काबुल को इस खतरे के बारे में आगाह किया, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। शरीफ ने कहा कि हमारे सब्र की भी एक हद होती है, इसलिए हमें मजबूरन जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।





