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यदि दो लोग स्वेच्छा से शादी या लिव-इन में साथ रहना चाहें तो कोई मॉरल पुलिसिंग नहीं कर सकता : मप्र उच्च न्यायालय

जबलपुर, 31 जनवरी (भाषा) मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने कहा कि यदि दो व्यस्क शादी या लिव-इन-रिलेशनशिप के जरिए साथ रहना चाहते हैं तो किसी को भी ‘मॉरल पुलिसिंग’ की अनुमति नहीं दी जा सकती है। न्यायमूर्ति नंदिता दुबे की एकल पीठ ने 28 जनवरी को जबलपुर निवासी गुलजार खान क्लिक »-www.ibc24.in

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