नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के खिलाफ लगातार धमकी भरे बयान दे रहे है। वो भारत में 25 फीसदी ट्रैरिफ और भारत रुस से तेल न खरीदने के धमकी दे चुके है। इस तरह के धमकियों को ट्रंप कई बार दोहरा चुके है। लेकिन ट्रंप के इस तरह के रवैया और बड़े देशों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने पर उनकी आलोचाना और बयानों का विरोध भी हो रही है।
हाल ही में संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान का विरोध किया है। उनकी नीति की भी कड़ी आलोचना की। भारत, चीन रुस जैसे देशों में मानक से ज्यादा ट्रैरिफ लगाने के फैसले पर हेली ने ट्रंप के दोहरे मापदंडो वाला करार दिया है। बता दें कि, निक्की हेली लंबे समय से भारत और अमेरिका के बीच मजबूत संबंधों की पक्षधर रही हैं।
‘चीन का ट्रैरिफ में छूट न दें’
बीते कुछ दिन पहले ट्रंप ने भारतीय सामानों पर भारी टैरिफ (शुल्क) लगाने की बात कही थी। लेकिन हेली ने ट्रंप को चेताया कि इस कदम से भारत-अमेरिका के रिश्तों में खटास आ सकती है, जो इस समय बेहद महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं। उन्होंने ट्रंप को चेताया कि वे चीन जैसे दुश्मन देश को छूट ना दें और भारत जैसे सहयोगी से रिश्ते ना बिगाड़ें।
वही, नही अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली ने ट्रंप प्रशासन पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि चीन के साथ व्यापार को लेकर अमेरिका ने 90 दिन की टैरिफ की छूट दी, जबकि भारत पर सख्ती दिखाई जा रही है।
‘ट्रंप का ये दोहरा मापदंड’
अमेरिकन रिपब्लिकन पार्टी की नेता निक्की हेली ने ट्रंप की भारत का ज्यादा ट्रैरिफ लगाने की धमकी और रूसी तेल खरीदने पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी की कड़ी आलोचना की है। और इसे खतरनाक दोहरा मापदंड बताया।
‘भारत जैसे देश से रिश्ते न बिगाड़ें ट्रंप’
हेली ने सोशल मीडिया के अपने एक्स हैंडल पर लिखती है कि, अमेरिका विरोधी चीन रूस व ईरान का सबसे बड़ा खरीदार है जिस पर 90 दिन के लिए टैरिफ रोक दिया। हेली ने कहा कि चीन को ट्रैरिफ मामलो बिल्कुल छूट न दें और भारत जैसे मजबूत सहयोगी के साथ रिश्ते न बिगाड़ें।
ट्रंप की 24 घंटे में फिर टैरिफ की धमकी
वही, इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को अगले 24 घंटे में भारत को काफी हद तक टैरिफ बढ़ाने की फिर धमकी दी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने दोहराया कि भारत रूस से तेल खरीदकर ‘युद्ध को बढ़ावा दे रहा है, यदि यह सिलसिला जारी रहा तो वह खुश नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि भारत हमारा अच्छा व्यापारिक साझेदार नहीं रहा है।





