नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने भारत के साथ बिगड़ते संबंधों पर चिंताओं को खारिज करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। भारत के खिलाफ लगातार हमलावर रहे युनूस के सुर बदलते दिखे। उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि हाल के तनावों के बावजूद दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत बने हुए हैं। हालांकि, यूनुस ने कुछ संघर्षों के उभरने की बात स्वीकार की, लेकिन इसके लिए मुख्य रूप से ‘गलत सूचना और दुष्प्रचार’ को जिम्मेदार ठहराया।
‘बांग्लादेश और भारत के रिश्ते गहरे हैं’
गौरतलब है कि यूनुस का यह बयान आगमी 3-4 अप्रैल को थाईलैंड में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के आयोजन के एक महीने पहले आया है। उन्होंने बांग्लादेश और भारत की ऐतिहासिक, राजनीतिक और आर्थिक निर्भरता पर जोर देते हुए कहा कि उनके रिश्ते इतने गहरे हैं कि उन्हें मौलिक रूप से बदला नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि “ऐसा कोई तरीका नहीं है, जिससे बांग्लादेश-भारत संबंध अच्छे न हो सकें। हमारे संबंध घनिष्ठ हैं और हमारी परस्पर निर्भरता बहुत ज्यादा है। हालांकि कुछ संघर्ष उत्पन्न हुए हैं, जो कि दुष्प्रचार से आए हैं और इस तरह की गलत सूचना के सोर्सेज को निर्धारित करना दूसरों पर निर्भर है। “
‘गलतफहमियों को दूर करने का हो रहा है प्रयास’
मोहम्मद यूनुस ने आश्वासन दिया कि ढाका और नई दिल्ली के बीच गलतफहमियों को दूर करने और दोनों पड़ोसियों के बीच सहयोग करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि लगातार संवाद हो रहा है, उनके प्रतिनिधि यहां आ रहे हैं और हमारे अधिकारी वहां जा रहे हैं। मैंने पहले हफ्ते में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से व्यक्तिगत रूप से बात की थी।
‘भारत को बार-बार करना पड़ी थी आलोचना’
गौरतलब है कि पिछले साल छात्रों के नेतृत्व द्वारा बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में खटास आ गई थी। इस दौरान एक हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे। बांग्लादेश के हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों से निपटने के तरीके को लेकर बांग्लादेश को भारत की ओर से बार-बार आलोचना का सामना करना पड़ा है।
2025 के आखिरी तक चुनाव होंंगे
शेख हसीना अपने 16 साल के शासन के खत्म होने के बाद पिछले साल 5 अगस्त से भारत में हैं। बांग्लादेश में राजनीतिक दल जल्द चुनाव और लोकतांत्रिक शासन की वापसी की मांग तेज है। मोहम्मद यूनुस ने कहा है कि 2025 के आखिरी तक चुनाव होंंगे, लेकिन उन्होंने साफ किया है इस बार चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है।





