नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। अमेरिका में खालिस्तान समर्थक नेता गुरपतवंत सिंह पन्नून की हत्या की साजिश से जुड़े मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। अमेरिकी अटॉर्नी ऑफिस, साउदर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क ने इसकी पुष्टि की है।
कोर्ट में क्या कबूला?
54 वर्षीय निखिल गुप्ता ने मैनहैटन की अदालत में माना कि उन्होंने पन्नून की हत्या के लिए एक व्यक्ति को 15 हजार डॉलर एडवांस दिए थे। उन्हें लगा था कि वह शख्स सुपारी किलर है, लेकिन वह असल में अमेरिकी एजेंसियों का अंडरकवर अधिकारी था। गुप्ता ने तीन आरोपों में दोष स्वीकार किया है हत्या की सुपारी देना, हत्या की साजिश रचना मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश इन आरोपों में उन्हें अधिकतम 40 साल तक की जेल हो सकती है। सजा का ऐलान 29 मई को जज विक्टर मारेरो करेंगे।
साजिश कैसे रची गई?
अमेरिकी चार्जशीट के अनुसार, मई 2023 में सीसी-1 नाम के एक व्यक्ति ने गुप्ता से संपर्क किया। बाद में अमेरिकी एजेंसियों ने उसकी पहचान विकाश यादव के रूप में की। बताया गया कि यादव पहले Central Reserve Police Force में थे और बाद में Research and Analysis Wing से जुड़े काम देख रहे थे। अक्टूबर 2024 में अमेरिकी न्याय विभाग ने यादव पर औपचारिक आरोप लगाए। गुप्ता को जून 2024 में चेक गणराज्य से प्रत्यर्पित कर अमेरिका लाया गया था। तब से वह ब्रुकलिन जेल में बंद हैं।
पैसे का सौदा कैसे हुआ?
अभियोजन के मुताबिक, हत्या के लिए 1 लाख डॉलर में सौदा तय हुआ था। जून 2023 में 15 हजार डॉलर एडवांस दिए गए। जिस व्यक्ति को गुप्ता अपना आपराधिक साथी समझ रहे थे, वह अमेरिकी एजेंसियों का गुप्त सूत्र निकला। उसी ने उन्हें एक अंडरकवर अधिकारी से मिलवाया। अमेरिकी एजेंसियों ने इस साजिश को खालिस्तान समर्थक नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से भी जोड़ा है। निज्जर की जून 2023 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। चार्जशीट के मुताबिक, हत्या के बाद यादव ने गुप्ता को निज्जर की लाश का वीडियो भेजा था और बाद में पन्नून को प्राथमिक लक्ष्य बताया गया। अक्टूबर 2024 में आरोप सामने आने के बाद भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा था कि जिस व्यक्ति का नाम चार्जशीट में है, वह अब भारत सरकार में काम नहीं करता। भारत सरकार ने नवंबर 2023 में एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी बनाई थी। जनवरी 2025 में गृह मंत्रालय ने बताया कि जांच रिपोर्ट सौंप दी गई है और एक व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की गई है।





