नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बांग्लादेश की शेख हसीना सरकार को गिराने के पीछे अमेरिका का हाथ होने की बात कही जा रही थी। यह बात खुद शेख हसीना ने छात्रों के प्रदर्शन के बाद उनकी सरकार के तख्तापलट होने के बाद कही थी। वहीं 24 सितंबर 2024 को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन से गर्मजोशी से मुलाकात की है। उनकी यह मुलाकात न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र (UNGA)के दौरान हुई है। जिस तरह गर्मजोशी से दोनों नेताओं ने आपस में मुलाकात की है, उससे शेख हसीना सरकार को बांग्लादेश की सत्ता से उखाड़ फेंकने के पीछे अमेरिका के हाथ होने की बात को भी हवा मिल रही है।
यूनुस अमेरिका से अपने देश की मदद के लिए नजदीकियां बढ़ा रहा है
बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार का तख्तापलट होने के बाद मोहम्मद यूनुस बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। अब मोहम्मद यूनुस अमेरिका से अपने देश की मदद के लिए नजदीकियां बढ़ा रहें हैं। इससे पहले बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने 15 सितंबर 2024 को ढाका में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। अब मोहम्मद यूनुस ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र (UNGA)के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन से गर्मजोशी से मुलाकात की है।
उसी तरह से आपको भी अपने देश के लिए करना होगा: बाइडन
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात के बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने बयान दिया है। जिसमे उन्होंने कहा है कि अमेरिका ने हमारी सरकार को पूरा समर्थन करने का वादा किया है। एक प्रेस नोट में बताया गया है कि मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश को फिर से पटरी में लाने के लिए अमेरिका से मदद मांगी और बाइडन ने पूरा समर्थन देने की बात कही। बाइडन ने यह भी कहा कि जिस तरह से बांग्लादेश में छात्रों ने पिछली सरकार के खिलाफ आवाज उठाई और त्याग दिया, उसी तरह से आपको भी अपने देश के लिए करना होगा।
जिसके कारण उनकी सरकार का तख्तापलट हुआ
बता दें कि खुद शेख हसीना ने बांग्लादेश से उनकी सरकार को हटाने के पीछे अमेरिका की साजिश होने की बात कही थी। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा था कि अमेरिका ने उनकी सरकार को गिराने के लिए बहुत पहले से ही साजिश रचना शुरू कर दिया था। शेख हसीना ने कहा था कि बांग्लादेश में छात्रों के प्रदर्शन के पीछे अमेरिका की खुफिया एजेंसी का हाथ था, जिसके कारण उनकी सरकार का तख्तापलट हुआ।





