नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने बुधवार को स्टेट ऑफ द यूनियन (एसओटीयू) के संबोधन में अमेरिकी अर्थव्यवस्था, कोरोना जैसे विषयों पर बात करते हुए रूस और चीन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला दुनिया के लिए एक परीक्षा रही। हिंसा मुक्त दुनिया की बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हमने नाटो को एकजुट किया और एक वैश्विक गठबंधन बनाकर रूसी आक्रामकता के खिलाफ खड़े हुए।
डेमोक्रेट और रिपब्लिकन एकसाथ काम नहीं कर सकते
डेमोक्रेट और रिपब्लिकन को लेकर कहा कि हमें अक्सर कहा जाता है कि डेमोक्रेट और रिपब्लिकन एकसाथ काम नहीं कर सकते लेकिन पिछले दो वर्षों में हमने इसे गलत साबित किया है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में देश को घाटे से निकालने की लगातार कोशिशें की गई हैं। घाटे में 1.7 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की कटौती की गई। उन्होंने जलवायु परिवर्तन को अस्तित्व का खतरा बताते हुए कहा कि इसकी वास्तविकता का सामना करना चाहिए।
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बाइडन का चीन पर हमला
इससे पहले बाइडन ने सोमवार को पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा था कि चीन अमेरिकी महाद्वीप में ऐसी बेशर्म हरकत कर सकता है, क्योंकि वह चीन सरकार है। बाइडन ने कहा था कि सवाल चीन पर अविश्वास का नहीं है, बल्कि यह निश्चय करने का है कि हम कहां चीन के साथ काम करें और कहां विरोध करें।
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अमेरिका अपनी रक्षा करने में सक्षम
बाइडन ने कहा कि अगर चीन की ओर से अमेरिका की संप्रभुता को खतरा हुआ, तो अमेरिका अपनी रक्षा के लिए काम करेगा।” बाइडन ने दोहराया कि उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से कहा है कि अमेरिका प्रतिस्पर्धा चाहता है, संघर्ष नहीं।




