नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। ईरान में 8 जनवरी 2026 की रात से हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। देश के 111 से ज्यादा शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है और सुरक्षा बलों से झड़पें हुई हैं। इसी बीच 9 जनवरी को खामेनेई ने सरकारी टीवी पर देश के नाम संबोधन दिया। अपने भाषण में उन्होंने साफ कहा कि ईरान किसी भी विदेशी दबाव के आगे नहीं झुकेगा और दुश्मनों को इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
”विदेशी एजेंटों को बर्दाश्त नहीं करेगा ईरान”
खामेनेई ने अपने संबोधन में प्रदर्शनों के लिए अमेरिका और इजरायल समर्थित एजेंटों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा,“कुछ लोग विदेशी ताकतों को खुश करने के लिए अपने ही देश की सड़कों को बर्बाद कर रहे हैं। ईरान ऐसे विदेशी ऑपरेटिव्स को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ट्रंप को अपने देश की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए, न कि ईरान के मामलों में दखल देना चाहिए। ईरान के युवाओं से अपील करते हुए खामेनेई ने कहा, “एकता बनाए रखें और तैयार रहें। एकजुट राष्ट्र को कोई भी दुश्मन हरा नहीं सकता। अपने देश और लोगों की रक्षा करना आक्रमण नहीं, बल्कि साहस है।”उन्होंने युवाओं से देश और इस्लामिक व्यवस्था की रक्षा करने का आह्वान किया। AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, खामेनेई ने ट्रंप को ‘अहंकारी’ बताया और कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हाथ ईरानियों के खून से सने हैं। उन्होंने दावा किया कि ट्रंप को सत्ता से बेदखल कर दिया जाएगा और अमेरिका को अपनी आंतरिक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
”दुश्मनों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी”
खामेनेई ने चेतावनी देते हुए कहा, “ईरान को बहुत कड़े शब्दों में बताया गया है कि अगर वे ऐसा करते रहे, तो उन्हें इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उनका इशारा उन देशों की तरफ था जो ईरान में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। खामेनेई ने माना कि देश में अस्थिरता फैली हुई है, लेकिन इसके लिए उन्होंने आंतरिक कारणों की बजाय बाहरी शक्तियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि विदेशी ताकतें ईरान की आंतरिक सुरक्षा को कमजोर करने की साजिश कर रही हैं और सरकार किसी भी हाल में पीछे नहीं हटेगी।





