back to top
19.1 C
New Delhi
Friday, March 6, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

जलवायु: दुनिया 1.5-डिग्री सैल्सियस की सीमा के ‘क़रीब’ आती जा रही है

जिनीवा में मंगलवार को प्रकाशित विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, अगले पाँच वर्षों में औसत वैश्विक तापमान, पूर्व-औद्योगिक स्तर से 1.5 डिग्री सेल्सियस ऊपर पहुँचने की 50:50 सम्भावना है, और समय के साथ यह सम्भावना बढ़ती जा रही है. The Global Annual to Decadal Climate Update में आशंका व्यक्त की गई है कि 2022 से 2026 के बीच, कम से कम एक वर्ष के रिकॉर्ड पर सबसे गर्म होने की 93 प्रतिशत सम्भावना है. मतलब ये कि अब तक सबसे गर्म रहे साल 2016 से भी ज़्यादा. इस अवधि के लिये पाँच साल का औसत पिछले पाँच साल, यानि 2017-2021 की तुलना में अधिक रहने की सम्भावना भी 93 फ़ीसदी है. तापमान 1.5 डिग्री सैल्सियस तक सीमित रखने का लक्ष्य पैरिस समझौते के तहत है, जो देशों को ग्लोबल वार्मिंग सीमित करने के लिये ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करने हेतु, ठोस जलवायु कार्रवाई करने का आह्वान करता है. सम्भावना बढ़ रही है डब्ल्यूएमओ के महासचिव, पेटेरी टालस ने कहा, "उच्च स्तर के वैज्ञानिक कौशल के ज़रिये हुए इस अध्ययन से स्पष्ट होता है कि हम अस्थायी रूप से, केवल जलवायु परिवर्तन पर पैरिस समझौते का निचला लक्ष्य ही हासिल कर पाएँगे." उन्होंने कहा, "1.5 डिग्री सेल्सियस का आँकड़ा बिना सोचे-समझे दिया गया आँकड़ा नहीं है, "बल्कि यह उस सीमा का संकेतक है, जिस पर लोगों और वास्तव में पूरे ग्रह के लिये जलवायु प्रभाव तेज़ी से हानिकारक होता चला जाएगा." जलवायु सम्बन्धी भविष्यवाणियों के लिये, ब्रिटेन के मौसम कार्यालय, डब्लूएमओ लीड सेंटर द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट के अनुसार, 2015 के बाद से तापमान 1.5 डिग्री सैल्सियस की सीमा से अधिक होने की सम्भावना अस्थायी तौर पर लगातार बढ़ी है. उस समय यह शून्य के लगभग था, लेकिन पिछले पाँच वर्षों में सम्भावना बढ़कर 10 प्रतिशत और 2022-2026 की अवधि के लिये, लगभग 50 प्रतिशत हो गई. © Unsplash/Patrick Perkins पश्चिमी अमेरिका के कुछ हिस्सों में फैली जंगल की आग से, सैन फ्राँसिस्को का आसामन नारंगी रंग में रंग गया. व्यापक प्रभाव पेटेरी टालस ने चेतावनी दी कि जब तक देश ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन जारी रखेंगे, तापमान वृद्धि होती रहेगी. उन्होंने कहा, "और इसके साथ-साथ, हमारे महासागर गर्म और अधिक अम्लीय होते रहेंगे, समुद्री बर्फ़ और ग्लेशियर पिघलते रहेंगे, समुद्री जल स्तर बढ़ता रहेगा और चरम मौसम की घटनाएँ बढ़ती जाएँगीं. आर्कटिक वार्मिंग अनुपातहीन रूप से अधिक है और आर्कटिक में जो होता है, उससे हम सभी प्रभावित होते हैं. ” पैरिस समझौते में उन दीर्घकालिक लक्ष्यों की रूपरेखा है जो सरकारों को वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सैल्सियस तक सीमित करने के प्रयास जारी रखते हुए, 2 डिग्री सैल्सियस से नीचे सीमित करने का रास्ता दिखाते हैं. ‘तय सीमा के क़रीब’ जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र के अन्तर सरकारी पैनल ने आगे बताया कि फिलहाल 1.5 डिग्री सैल्सियस की ग्लोबल वार्मिंग के लिये जलवायु सम्बन्धी जोखिम अधिक है, वहीं अभी 2 डिग्री सैल्सियस को लेकर यह कम हैं. रिपोर्ट का नेतृत्व करने वाले UK Met Office के डॉक्टर लियोन हर्मनसन ने कहा, "हमारी नवीनतम जलवायु भविष्यवाणियों से स्पष्ट है कि वैश्विक तापमान में वृद्धि जारी रहेगी. साथ ही यह सम्भावना भी रहेगी कि 2022 और 2026 के बीच का एक वर्ष, पूर्व-औद्योगिक स्तर से 1.5 डिग्री सैल्सियस से अधिक गर्म हो." "1.5 डिग्री सैल्सियस से अधिक के एक वर्ष का मतलब यह नहीं है कि हमने पैरिस समझौते की प्रतिष्ठित सीमा का उल्लंघन किया है, लेकिन यह दर्शाता है कि हम एक ऐसी स्थिति के क़रीब पहुँच रहे हैं जहाँ एक लम्बे समय के लिये तापमान 1.5 डिग्री सैल्सियस से अधिक हो सकता है." वैश्विक जलवायु की स्थिति पर डब्ल्यूएमओ की अस्थायी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल वैश्विक औसत तापमान पूर्व-औद्योगिक आधार रेखा से 1.1 डिग्री सैल्सियस अधिक था. 2021 की अन्तिम रिपोर्ट 18 मई को जारी की जाएगी. डब्लूएमओ के मुताबिक 2021 की शुरुआत और अन्त में ला नीना की घटनाओं से वैश्विक तापमान ठण्डा हुआ. हालाँकि, यह केवल अस्थायी असर है और दीर्घकालिक वैश्विक तापमान वृद्धि को उलट नहीं सकता है. एजेंसी के मुताबिक, अल नीनो घटना का कोई भी विकास, तुरन्त तापमान वृद्धि में योगदान देगा, जैसा कि रिकॉर्ड पर सबसे गर्म वर्ष माने जाने वाले साल 2016 में हुआ था. –संयुक्त राष्ट्र समाचार/UN News

Advertisementspot_img

Also Read:

पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा में भगवान बलभद्र के रथ के मोड़ पर अटकने से मची भगदड़, 600 से ज्यादा श्रद्धालु हुए घायल

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क।  महाप्रभु जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथ यात्रा के दौरान इस साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचे। लेकिन रथ खींचने के दौरान अव्यवस्था...
spot_img

Latest Stories

कुछ देशों में होली पर रंग खेलने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई, जानिए कौन से हैं वो देश?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत में होली सिर्फ एक त्योहार...

Chandra Grahan 2026: साल का पहला चंद्र ग्रहण और होली का संयोग, जानें सूतक में किन कार्यों से रहें दूर

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। फाल्गुन पूर्णिमा पर जहां एक ओर...