नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। साल 2025 खत्म होने को है, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अंतरराष्ट्रीय बयानबाज़ी अभी भी जारी है। अब इस मुद्दे पर चीन ने बड़ा दावा किया है। चीन का कहना है कि उसने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव में मध्यस्थता की थी और तनाव कम कराने में अहम भूमिका निभाई। यह बयान ऐसे समय आया है, जब चीन पर उसी टकराव के दौरान पाकिस्तान को हथियार, तकनीक और लाइव इनपुट देने के गंभीर आरोप लगे थे।
चीन का दावा: हमने निभाई निष्पक्ष भूमिका
बीजिंग में आयोजित एक सिम्पोज़ियम में चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि 2025 में दुनिया भर में स्थानीय युद्ध और सीमा पार संघर्ष तेज़ी से बढ़े हैं। उन्होंने दावा किया कि चीन ने कई अंतरराष्ट्रीय विवादों में “निष्पक्ष और सही रुख” अपनाया। वांग यी के मुताबिक, चीन ने उत्तरी म्यांमार, ईरानी परमाणु मुद्दा, भारत-पाकिस्तान तनाव, फिलिस्तीन-इजरायल संघर्ष और कंबोडिया-थाईलैंड विवाद जैसे मामलों में मध्यस्थता की।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद आया बयान
चीन का यह दावा उस सैन्य टकराव के कई महीनों बाद आया है, जो 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ था। इस हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। कई आतंकी कैंप तबाह किए गए और पाकिस्तानी एयर बेस भी निशाने पर रहे। भारत ने चीन ही नहीं, इससे पहले अमेरिका के मध्यस्थता दावे को भी साफ-साफ खारिज कर दिया था। भारत का कहना है कि यह टकराव किसी भी बाहरी दखल के बिना, सीधे मिलिट्री-टू-मिलिट्री बातचीत से खत्म हुआ। विदेश मंत्रालय ने 13 मई 2025 को बताया था कि 10 मई को दोपहर 3:35 बजे भारत और पाकिस्तान के DGMO के बीच फोन पर बातचीत हुई थी, उसी के बाद सीजफायर लागू हुआ। भारत दशकों से यह रुख अपनाए हुए है कि भारत-पाकिस्तान के मामलों में किसी तीसरे देश की मध्यस्थता की कोई जगह नहीं है।





