China Moon Mission 2024: चीन ने लांच किया मिशन मून, पाकिस्तान से मिली बड़ी मदद

China Moon Mission: पड़ोसी देश चीन ने पहले भी चंद्रमा पर एक रोवर उतारने समेत मानवरहित मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च कर चुका है। चीन ने मंगल ग्रह पर एक रोवर भेजा है। एक अंतरिक्ष स्टेशन भी बनाया है।
चीन का मिशन मून।
चीन का मिशन मून।रफ़्तार।

नई दिल्ली, रफ़्तार डेस्क। चीन ने आज मून मिशन चांग'ई-6 यान को लॉन्च किया। इसने चंद्रमा के सुदूर इलाके से पहली बार नमूने लेकर रिसर्च करने के लिए 53 दिवसीय मिशन शुरू किया है। बता दें, हाल में भारत ने चंद्रयान-3 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था। भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र के पास उतरने वाला पहला देश है। चीन के राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन (सीएनएसए) का कहना है कि मानव चंद्र अन्वेषण के इतिहास में यह अपने तरह का पहला प्रयास है। चीन का यह मिशन 53 दिनों तक चलेगा। चंद्रमा का सुदूर क्षेत्र पृथ्वी से नहीं दिखता है। प्रक्षेपण के एक घंटे बाद चीनी अधिकारी ने बताया कि चांग'ई-6 का प्रक्षेपण सफल रहा। चंद्रमा पर रिसर्च के लिए (लॉन्ग मार्च-5 Y8) रॉकेट द्वारा चीन के दक्षिणी द्वीप प्रांत हैनान के तट पर वेनचांग अंतरिक्ष प्रक्षेपण स्थल से लॉन्च किया गया।

चांग'ई 6 में चार फैक्टर

सीएनएसए के मुताबिक चांग'ई 6 में चार घटक शामिल हैं-एक ऑर्बिटर, एक लैंडर, एक एसेंडर और एक पुनः प्रवेश मॉड्यूल। चंद्रमा पर धूल- चट्टानों के नमूनों को इकट्ठा करने के बाद नमूनों को पुन: प्रवेश मॉड्यूल में ट्रांसफर करने के लिए चंद्र ऑर्बिटर में ले जाएगा। इसके बाद उन्हें पृथ्वी पर वापस लाया जाएगा। सीएनएसए ने पहले जानकारी दी थी कि मिशन स्वचालित नमूना संग्रह, टेक-ऑफ और चंद्रमा के दूर से चढ़ाई जैसी प्रमुख टेक्नॉलजी में सफलता पाने को तैयार है। इस बीच यह लैंडिंग क्षेत्र का वैज्ञानिक अन्वेषण करेगी।

ऑर्बिटर पर पाकिस्तानी पेलोड होंगे

सीएनएसए ने ऐलान किया है कि फ्रांस, इटली और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी/स्वीडन के वैज्ञानिक उपकरण चांग'ई-6 मिशन के लैंडर पर और ऑर्बिटर पर पाकिस्तानी पेलोड होंगे। पहली बार चीन ने अपने चंद्रमा मिशन में अपने सहयोगी पाकिस्तान के ऑर्बिटर को शामिल किया है।

पाक अंतरिक्ष एजेंसी की मदद से बनाया डिजाइन

इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस टेक्नोलॉजी की रिपोर्ट के अनुसार, सैटेलाइट आईसीयूबीई-क्यू को चीन की शंघाई यूनिवर्सिटी एसजेटीयू और पाकिस्तान की राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी सुपारको की मदद से आईएसटी द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। आईसीयूबीई-क्यू ऑर्बिटर चंद्रमा की सतह की छवि लेने को दो ऑप्टिकल कैमरे ले जाता है।

चंद्रमा पर चंद्र स्टेशन बनाने की योजना

चांग'ए चंद्र अन्वेषण जांच का नाम चीनी पौराणिक 'चंद्रमा देवी' के नाम पर है। चांग'ई 5 चंद्रमा के पास से नमूने लेकर आया। चीनी ने बताया कि नमूनों के विश्लेषण से मालूम हुआ कि उनमें चंद्र की धूल में लगे छोटे कणों में पानी था। चीन भविष्य में चंद्रमा पर चंद्र स्टेशन बनाने की भी योजना बना रहा है।

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