नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधान परिषद की कार्यवाही सोमवार को भारी हंगामे के बीच शुरू हुई। विपक्ष ने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरते हुए नारेबाजी की। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नेतृत्व में आरजेडी के कई सदस्य वेल में आ गए, जिससे सदन का माहौल काफी गरमा गया।
नीतीश कुमार और राबड़ी देवी के बीच तीखी बहस
हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी सीट से खड़े हुए और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। इसी दौरान उन्होंने राबड़ी देवी की तरफ इशारा करते हुए कहा, “ई जो लड़की है… वह क्या जानती है।” उनके इस बयान पर विपक्षी सदस्यों ने और जोरदार विरोध शुरू कर दिया। नीतीश कुमार ने विपक्ष पर सिर्फ हल्ला करने और काम न करने का आरोप भी लगाया।
अध्यक्ष का हस्तक्षेप, लेकिन नहीं थमा विवाद
सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कई बार विपक्षी सदस्यों से शांत होने की अपील की और कहा कि मुख्यमंत्री को बोलने दिया जाए। बावजूद इसके विपक्षी नेता नारेबाजी करते रहे। हालात बिगड़ते देख सभापति को कार्यवाही ढाई बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। बहस के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार तेजी से आगे बढ़ रहा है और विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। वहीं विपक्षी नेताओं का कहना था कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है और सरकार जवाब देने से बच रही है।
पहले भी तेजस्वी यादव पर बरसे थे नीतीश
गौरतलब है कि इससे तीन दिन पहले विधानसभा में भी नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। उस दौरान भी मुख्यमंत्री ने तेजस्वी यादव को “बच्चा हो, चुप रहो” कह दिया था, जिस पर काफी राजनीतिक बयानबाजी हुई थी। लगातार शोर-शराबे के बावजूद बिहार नगर पालिका योजना सेवा नियमावली 2025 और बिहार नगर पालिका विधि सेवा नियमावली 2025 की प्रतियां सदन के पटल पर रखी गईं। हालांकि पूरे दिन राजनीतिक तनातनी का माहौल बना रहा।





