नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। अमेरिका के मिनेसोटा राज्य से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां प्री-स्कूल से घर लौट रहे 5 साल के मासूम बच्चे को उसके पिता के साथ फेडरल एजेंटों ने हिरासत में ले लिया। दोनों को टेक्सास के एक डिटेंशन सेंटर भेजा गया है। इस घटना के बाद अमेरिका में भारी बवाल मच गया है।
कौन है बच्चा और परिवार?
हिरासत में लिए गए बच्चे का नाम लियाम कोनेजो रामोस है। कोलंबिया हाइट्स पब्लिक स्कूल डिस्ट्रिक्ट की अधीक्षक ज़ेना स्टेनविक के अनुसार, हिरासत में लिए गए चार नाबालिगों में लियाम भी शामिल है। बाकी में दो 17 साल के और एक 10 साल का बच्चा है। परिवार के प्रतिनिधि कील मार्क प्रोकोश ने बताया कि लियाम और उसके पिता अमेरिका में कानूनी रूप से शरणार्थी आवेदक के तौर पर रह रहे हैं।
वायरल तस्वीरों ने बढ़ाया गुस्सा
घटना के बाद सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें तेजी से वायरल हो गईं। इन तस्वीरों में भारी हथियारों से लैस नकाबपोश आईसीई (ICE) एजेंट 5 साल के बच्चे को पकड़कर ले जाते दिख रहे हैं। बच्चे ने नीली टोपी पहन रखी है और उसके कंधे पर स्पाइडर-मैन वाला स्कूल बैग टंगा हुआ है। इन तस्वीरों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब लियाम और उसके पिता प्री-स्कूल से लौटे, तो उन्होंने देखा कि आईसीई एजेंट पिता को घर के ड्राइव-वे से हिरासत में ले रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का यह भी आरोप है कि एजेंटों ने बच्चे को “चारा” बनाकर उसकी मां को घर से बाहर बुलाने की कोशिश की।
स्कूल प्रशासन ने उठाए सवाल
कोलंबिया हाइट्स स्कूल बोर्ड की अध्यक्ष मैरी ग्रानलुंड ने बताया कि लियाम के पिता ने अपनी पत्नी से घर के अंदर ही रहने को कहा था, ताकि उन्हें भी हिरासत में न लिया जाए। उन्होंने कहा कि स्कूल अधिकारियों, परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों ने बच्चे को अपने साथ ले जाने की पेशकश की, लेकिन आईसीई अधिकारियों ने इसे ठुकरा दिया। स्कूल डिस्ट्रिक्ट की अधीक्षक ज़ेना स्टेनविक ने इस कार्रवाई पर कड़ा सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “यह तो 5 साल के बच्चे को चारा बनाने जैसा है। आप मुझे यह नहीं कह सकते कि यह बच्चा कोई हिंसक अपराधी है। इस मामले पर अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “यह बच्चा है, बेबी है। इस तरह की कार्रवाई किसी भी तरह से सही नहीं ठहराई जा सकती। इस घटना के बाद अमेरिका में आव्रजन नीति और मानवाधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर एक 5 साल के मासूम बच्चे को हथियारबंद एजेंटों द्वारा हिरासत में लेना कितना जायज़ है।





