बीजिंग, 20 फरवरी (आईएएनएस)। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 19 फरवरी की शाम को वीडियो के माध्यम से 58वें म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के चीन सत्र में भाग लिया और भाषण दिया। उन्होंने नाटो के पूर्व की ओर विस्तार, यूरोपीय सुरक्षा, और यूक्रेन की स्थिति पर चीन के रूख पर मेजबान के सवालों के जवाब दिये। वांग यी ने कहा कि शीत युद्ध बहुत समय पहले समाप्त हो गया है। शीत युद्ध के एक उत्पाद के रूप में नाटो को स्थिति का आकलन करते हुए आवश्यक समायोजन करना चाहिए। यदि नाटो लगातार पूर्व की ओर विस्तार करता है, तो क्या यह यूरोप में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए अनुकूल होगा, और क्या यह यूरोप में दीर्घकालिक स्थिरता की प्राप्ति के लिए अनुकूल होगा? यह यूरोपीय मित्रों द्वारा गंभीरता से विचार करने योग्य प्रश्न है। वांग यी ने बल देते हुए कहा कि सभी देशों की संप्रभुता, स्वतंत्रता और प्रादेशिक अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए और उनकी रक्षा की जानी चाहिए, क्योंकि ये अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी मानदंड हैं, जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्य और चीन द्वारा हमेशा अपनाए गए सैद्धांतिक रूख को दशार्ता है। यूक्रेन कोई अपवाद नहीं है। अगर किसी ने इस मुद्दे पर चीन के रवैये पर सवाल उठाया, तो यह गलत मंशा और चीन के रूख को विकृत करने वाला प्रचार होगा। वांग यी ने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक स्थायी सदस्य के रूप में, चीन हमेशा मामले के सही और गलत के अनुसार अपना रूख तय करता है और अंतरराष्ट्रीय मामले का निपटारा करता है। चीन का मानना है कि यूक्रेन मुद्दे को जल्द से जल्द नए मिन्स्क समझौते के मूल में लौटना चाहिए। यह समझौता यूक्रेन मुद्दे के समाधान का एकमात्र रास्ता है। वर्तमान में सभी पक्षों को ईमानदारी से जिम्मेदारी लेनी चाहिए और शांति के लिए प्रयास करना चाहिए, न कि तनाव बढ़ाना, दहशत फैलाना या युद्ध को बढ़ा-चढ़ा कर दिखाना। (साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग) –आईएएनएस आरजेएस




