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'स्वस्थ वन, सभी मनुष्यों व पृथ्वी के वजूद के लिये अत्यावश्यक'

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने 21 मार्च को मनाए जाने वाले ‘अन्तरराष्ट्रीय वन दिवस’ पर, अपने सन्देश में कहा है कि स्वस्थ वन व जंगल, मनुष्यों और पृथ्वी ग्रह के वजूद के लिये “अत्यावश्यक” हैं. यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इस मौक़े पर कहा कि वन दरअसल प्राकृतिक छननियों की तरह काम करते हैं और स्वच्छ वायु व जल मुहैया कराते हैं. "वन व जंगल, साथ ही जैविक विविधता के स्वर्ग हैं... [और] वर्षा के रुझान को प्रभावित करके, हमारी जलवायु को नियमित करने में मदद करते हैं, नगरीय क्षेत्रों को ठण्डा रखते हैं; और ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन का लगभग एक तिहाई हिस्सा सोख़ लेते हैं." हर वर्ष 21 मार्च को मनाया जाने वाला अन्तरराष्ट्रीय वन दिवस हम सभी को याद दिलाता है कि वनों व जंगलों और उनके संसाधनों का टिकाऊ प्रबन्धन किया जाना, जलवायु परिवर्तन का मुक़ाबला करने, और मौजूदा व भविष्य की पीढ़ियों की समृद्धि और बेहतर रहन-सहन में योगदान करने के लिये, कुंजी है. निर्धनता उन्मूलन में सहायक वन व जंगल, निर्धनता उन्मूलन, और टिकाऊ विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति में भी महती भूमिका निभाते हैं. यूएन प्रमुख ने कहा कि वन व जंगल, बहुत से समुदायों और आदिवासी लोगों को, आजीविकाएँ, औषधियाँ, सततता और पर्यावास उपलब्ध कराते हैं. Unsplash/Lukasz Szmigiel एक वन मार्ग बेरोक-टोक निर्वनीकरण इन अमूल्य पारिस्थितिकी, आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य लाभों के बावजूद, दुनिया भर में वनों की कटाई व उन्मूलन, चिन्ताजनक रफ़्तार से जारी है. उन्होंने कहा कि वृक्षों का क्रूर विनाश रोकने के संकल्प बहुत बुलन्द आवाज़ में किये गए हैं और कुछ क्षेत्रों में निर्वनीकरण की रफ़्तार में कुछ गिरावट भी देखी गई है, मगर “हर साल लगभग एक करोड़ हैक्टेयर वन भूमि का सफ़ाया और उसका नाश कर दिया जाता है.” यूए प्रमुख ने रेखांकित करते हुए कहा कि ये बहुत ज़रूरी है कि दुनिया, हमारे जंगलों के संरक्षण के लिये हाल ही में ग्लासगो नेताओं द्वारा तैयार किये गए – वन व भूमि प्रयोग पर घोषणा-पत्र व अन्य सन्धियों व समझौतों के प्रावधानों को लागू करे. स्वस्थ जंगलों के लिये पुनः संकल्प उन्होंने कहा कि ये समय धरातल पर ठोस व भरोसेमन्द कार्रवाई किये जाने का है. इसका मतलब है कि ऐसे ग़ैर-टिकाऊ उपभोग और उत्पादन रुझानों को रोकना होगा जिनसे जंगलों का नाश होता है, और ज़रूरतों वाले देशों व लोगों के लिये, जंगलों के सतत प्रबन्धन में सहयोग व सहायता उपलब्ध कराने होंगे. यूएन प्रमुख ने निष्कर्षतः कहा, “इस अन्तरराष्ट्रीय वन दिवस पर, आइये, हम सभी, स्वस्थ आजीविकाओं की ख़ातिर स्वस्थ वनों के लिये, अपने संकल्प फिर से मज़बूत करें.” अन्तरराष्ट्रीय दिवस की पृष्ठभूमि यूएन महासभा ने, तमाम तरह के वनों और जंगलों की महत्ता के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से, 21 मार्च को अन्तरराष्ट्रीय वन दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा, वर्ष 2012 में की थी. सभी स्तरों पर तमाम देशों को वनों और वृक्षों के इर्द-गिर्द गतिविधियाँ आयोजित करने के लिये प्रोत्साहित किया जाता है, उदाहरण के लिये, वृक्षारोपण अभियान चलाना. यूएन वन फ़ोरम और खाद्य व कृषि संगठन (FAO) अन्य एजेंसियों व संगठनों के साथ मिलकर, इस अन्तरराष्ट्रीय दिवस पर गतिविधियाँ आयोजित करते हैं. --संयुक्त राष्ट्र समाचार/UN News

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