यूक्रेन में 1,935 टन राहत सामग्री पहुंचाई गई : रूस दूतावास

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नई दिल्ली, 13 मार्च (आईएएनएस)। भारत स्थित रूस के दूतावास ने रविवार को कहा कि यूक्रेन के कीव, खार्कोव, जापोरोजे और चेर्निगोव क्षेत्र के साथ दोनेत्स्क और लुहांस्क गणराज्यों में कम से कम 1,935 टन राहत सामग्री पहुंचाई गई, जिसमें से 264 टन बुनियादी जरूरतें, दवाएं और भोजन नागरिकों में वितरित किया गया। दूतावास ने बताया कि यूक्रेन के कीव और चेर्निगोव क्षेत्रों में 31 मानवीय कार्रवाई की जा रही है, जिसके दौरान भोजन सहित 240 टन आवश्यक सामग्री वितरित की जा रही है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में मानवीय स्थिति के तेजी से बिगड़ रही है और कुछ शहरों में स्थिति और भी भयावह हो रही है। कई जगहों पर राहत सामग्री जमा की जा रही है और अब तक 17,000 टन से अधिक सामग्री जमा हो चुकी है। दूतावास ने बयान जारी करते हुए कहा, लोग निराशा की कगार पर हैं और कीव के अधिकारी मामलों की वास्तविक स्थिति को जानते हुए भी यूक्रेनी मीडिया के माध्यम से यह दावा किया कि यह सब रूसी सशस्त्र बलों के कार्यो का परिणाम हैं। हालांकि, ये सारी ज्यादतियां जैसे बारूदी सुरंग, विस्फोट, आवासीय क्षेत्रों, अस्पतालों, स्कूलों, किंडरगार्टन में फायरिंग पॉइंट के उपकरणों का होना, प्रत्यक्षदर्शियों के सामने हो रहे हैं, जो जल्द ही या बाद में दुनिया को इस त्रासदी के बारे में पूरी सच्चाई बताएंगे। कीव के अधिकारी लोगों को चौबीसों घंटे जबरन इसी झूठ में रखना चाहते हैं। अधिकारियों ने कहा कि सबसे कठिन मानवीय स्थिति मारियुपोल में विकसित हुई है, जहां विदेशियों सहित हजारों लोगों को राष्ट्रवादियों द्वारा जबरन हिरासत में लिया गया है, जो शारीरिक हिंसा की धमकी देकर उनके शहर छोड़ने के किसी भी प्रयास को रोक देते हैं। रूसी दूतावास ने कहा कि रविवार को सुबह 10 बजे से मानवीय उद्देश्यों के लिए रूस ने कीव, चेर्निगोव, सुमी, खार्कोव और मारियुपोल में आठवीं बार मानवीय गलियारा खोला, जिसमें से एक मानवीय गलियारा रूस जाता है और एक गलियारा यूक्रेन प्रशासन द्वारा नियंत्रित हिस्से से होकर यूक्रेन की पश्चिमी सीमा की ओर जाता है। दूतावास ने कहा कि कीव में यूक्रेनी अधिकारी पहले की तरह अब भी यही रट लगाए हैं कि कोई नागरिक और विदेशी नागरिक ऐसा नहीं हैं, जो रूस के क्षेत्र में जाना चाहता है, जबकि स्थिति इसके ठीक विपरीत है। दूतावास के अधिकारियों ने कहा कि यूक्रेन से बाहर निकाले जाने की अपील करते यूक्रेन के लोग और विदेशी नागरिक, जो विभिन्न माध्यमों से इसके लिए अपील करते हैं, उनकी हर रोज बढ़ती संख्या कुछ और ही कहानी बयां करती है। उन्होंने कहा कि केवल पिछले कुछ दिनों ही ऐसी 19,963 अपीलें दर्ज की गईं। दूतावास ने बताया कि रविवार को यूक्रेन की भागीदारी के बिना सभी बाधाओं के बावजूद यूक्रेन के विभिन्न क्षेत्रों के खतरनाक क्षेत्रों के साथ लुहांस्क और दोनेत्स्क गणराज्य से 1,738 बच्चों समेत कुल 9,787 लोगों को निकाला गया। विशेष सैन्य अभियान की शुरुआत के बाद से अब तक 2,31,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है, जिनमें से 51,996 बच्चे हैं। दूतावास ने बताया कि रूस की सीमा को 24,168 वाहनों ने पार किया है। रूस की सीमा को प्रतिदिन 915 वाहन पार करते हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के बारूदी सुरंग के भय से 16 देशों के 6,900 से अधिक नागरिक और 50 से अधिक विदेशी जहाजों के चालक दल के सदस्य बंदरगाहों में हैं, जो अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन है। यूक्रेन के नव नाजी इन्हें मानव ढाल के रूप में बंधक बनाए हुए है। --आईएएनएस एकेएस/एसजीके

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