नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। डिजिटाईजेशन पर जोर देते हुए UNGA अध्यक्ष डेनिस फ्रांसिस ने भारत की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 5-6 सालों में भारत ने 800 मिलियन लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। उन्होंने बताया कि भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में किस प्रकार लोग पेमेंट और बिल का भुगतान स्मार्टफोन के एक टच से कर देते हैं। उन्होंने कहा आज भारत में हर किसी के पास स्मार्टफोन है और इंटरनेट की पहुंच भी काफी अच्छी है।
ग्लोबल साउथ के कई हिस्सों में ऐसा नहीं हैं
ग्लोबल साउथ के कई हिस्सों में ऐसा नहीं है। फ्रांसिस ने कहा कि डिजिटलीकरण के लिए वैश्विक ढांचे पर बातचीत करने में प्राथमिक कदम के रूप में इस असमानता को दूर करने के लिए कुछ प्रयास और पहल होनी चाहिए।
2022 तक प्रति माह 600 करोड़ से ज्यादा डिजिटल भुगतान लेनदेन पूरे किए गए
साल 2009 में भारत में केवल 17 फीसदी वरिष्ठ नागरिकों के पास बैंक खाते थे। 15 फीसदी डिजिटल भुगतान प्रणाली का उपयोग करते थे। जबकि 25 में से एक पास आइडेंटिटी डॉक्यूमेंट था और करीब 37 फीसदी के पास मोबाइल फोन थे। ये संख्या तेजी से बढ़ी है और आज टेलीफोन कनेक्शन तक 93 फीसदी की पहुंच हो गई है। 80 फीसदी के पास बैंक खाते हैं। 2022 तक प्रति माह 600 करोड़ से ज्यादा डिजिटल भुगतान लेनदेन पूरे किए गए।
प्रधानमंत्री के JAM इनिशिएटिव ने डिजिटाइजेशन को प्रमोट किया
प्रधानमंत्री मोदी ने JAM (जनधन, आधार, मोबाइल) इनिशिएटिव के तहत डिजिटाइजेशन को प्रमोट किया। इसके तहत लोगों को बैंक खाते खोलने के लिए प्रोत्साहित किया गया और हर एकाउंट को आधार के साथ लिंक किया गया। इससे देश भर में लोगों को जोड़ने में सहायता मिली। यहां तक की ग्रामीण इलाकों में भी सरकारी स्कीमों और सोशल बेनेफिट पेमेंट सीधे लोगों के बैंक खाते में चली गई।
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