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Monday, April 6, 2026
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INDI alliance: चुनाव से पहले बिखर गया इंडी गठबंधन : भाजपा

INDI alliance: कांग्रेस नेतृत्व वाले इंडी गठबंधन के घटक दलों की राजनीति परम् सत्ता केंद्रित है। चयन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही गठबंधन के घटक दलों द्वारा नियमों के उल्लंघन से साबित हो गया है।

गुवाहाटी (असम), (हि.स.)। ”देश के विभिन्न राज्यों में कांग्रेस नेतृत्व वाले इंडी गठबंधन के घटक दलों की राजनीति परम् सत्ता केंद्रित है। इनकी राजनीति देश के लोगों के लिए नहीं है। उन्होंने साबित कर दिया है कि इनकी कोई जवाबदेही नहीं है। बिहार, मध्य प्रदेश, केरल, पंजाब, पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों में इन दलों के नेताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ, खासकर कांग्रेस के खिलाफ जो रुख अख्तियार किया है, वह व्यवहारिक रूप से परस्पर विरोधी है।

उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया शुरू

उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही इंडी गठबंधन के घटक दलों द्वारा गठबंधन नियमों के उल्लंघन साबित हो गया है। यह बयान प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता मनोज बरुवा ने आज यहां पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दी। बरुवा ने कहा कि हाल ही में इंडी मोर्चा के सबसे बड़े घटकों में से एक नीतीश कुमार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस मोर्चे के एजेंडे को लागू करने में कांग्रेस पार्टी की कोई जिम्मेदारी नहीं दिख रही है।

अखिलेश यादव ने दी चेतावनी

वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने चेतावनी दी थी कि कांग्रेस पार्टी को समाजवादी पार्टी के साथ मध्य प्रदेश में सीट बंटवारे में की गई गड़बड़ी को झेलना पड़ेगा। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी मोर्चा की आंतरिक उथल-पुथल के बारे में स्पष्ट रूप से बात की है।

इसके अलावा, कांग्रेस पार्टी अब इंडी फ्रंट के तहत एक पार्टी-शासित राज्य केरल में बाम मोर्चा के खिलाफ, पंजाब में आम आदमी पार्टी के खिलाफ, पश्चिम बंगाल में सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ आंदोलन कार्यक्रम शुरू कर रही है। ऐसे में वास्तव में देश भर में बंटा इंडी गठबंधन भारत के लोगों को किसी भी तरह से प्रभावित नहीं कर पाएगा।

कांग्रेस पार्टी की लोगों के बीच कोई विश्वसनीयता नहीं

दूसरी ओर, कई दशकों से अधिक समय से सत्ता में रही कांग्रेस पार्टी की लोगों के बीच कोई विश्वसनीयता नहीं है। कांग्रेस के विधायकों के रुख ने हाल ही में अमृत कलश अभियान के दौरान कांग्रेस पार्टी के राज्य नेतृत्व के रुख के विपरीत जाकर इसे साबित कर दिया है। राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग के माध्यम से, कांग्रेस पार्टी के विधायकों ने कांग्रेस के प्रति चरम बेवफाई साबित कर दी है। खासकर इंडी अलायंस की ओर से भाजपा नीत राज्य सरकार के खिलाफ चार्जशीट बनाने की जिम्मेदारी रकीबुल हुसैन जैसे विवादास्पद कांग्रेसी नेता को देने से कांग्रेस पार्टी के असली स्वरूप का खुलासा हो गया है।

बीटीआर में बड़े पैमाने पर चल रहा संगठनात्मक अभियान

मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि रकीबुल हुसैन का राजनीतिक जीवन स्वयं इस तरह के सौ आरोप पत्रों का आधार हो सकता है। मनोज बरुवा ने कहा कि इसलिए राष्ट्रीय या राज्य स्तर पर इंडी फ्रंट किसी भी तरह से लोगों का विश्वास जीतने में सक्षम नहीं है। बरुवा ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में विशेष संवैधानिक दर्जा प्राप्त क्षेत्र बीटीआर में बड़े पैमाने पर संगठनात्मक अभियान तेज कर दिया है। भाजपा असम प्रदेश के 40 वरिष्ठ पदाधिकारियों को बीटीआर के 40 परिषद निर्वाचन क्षेत्रों में काम करने की जिम्मेदारी दी गई है।

हर बूथ पर समीक्षा कार्य पूरा

ये पदाधिकारी नवंबर माह में बीटीआर के तहत हर बूथ पर समीक्षा कार्य पूरा करेंगे। अगले चरण में इन बूथों के सशक्तिकरण का कार्यक्रम दिसंबर में शुरू किया जाएगा। बीटीआर के तहत आने वाले विधानसभा क्षेत्रों में फिर से एक-एक विधायक को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। दो या तीन विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी असम सरकार में वरिष्ठ मंत्रियों को दी गई है। कैबिनेट मंत्रियों से लेकर राज्य के अधिकारियों तक सभी ने बीटीआर क्षेत्र में बूथ सशक्तिकरण कार्य पर दृढ़ता से ध्यान केंद्रित किया है।

भेरगांव में आज एक विशाल जनसभा का आयोजन

इस बीच, बीटीआर के भेरगांव में आज एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जा गया। अगले चरण में राज्य सरकार के प्रभारी मंत्रियों, विधायकों की उपस्थिति में प्रत्येक विधानसभा और बीटीआर परिषद क्षेत्र के आधार पर जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। इस संगठनात्मक प्रक्रिया के माध्यम से, भाजपा पहले से ही इस परिषद क्षेत्र में अपने संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने के लिए एक ठोस प्रयास कर रही है। मुख्य प्रवक्ता मनोज बरुवा ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि क्षेत्र के लोगों ने भाजपा के प्रयासों को सराहा है।

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