back to top
20.1 C
New Delhi
Tuesday, March 3, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

तेरी मिट्टी में मिल जावां… गाने के पीछे का इतिहास, 14 हजार हमलावर पठानों पर भारी पड़े थे 21 सिख

देश-दुनिया के इतिहास में 12 सितंबर की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। यह तारीख सारागढ़ी युद्ध में सिख सैनिकों के शौर्य और पराक्रम की गवाह है। वाकया 1897 का है।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। देश-दुनिया के इतिहास में 12 सितंबर की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। यह तारीख सारागढ़ी युद्ध में सिख सैनिकों के शौर्य और पराक्रम की गवाह है। वाकया 1897 का है। तबका नॉर्थ वेस्ट फ्रंटियर प्रोविंस का तिराह इलाका अब पाकिस्तान में है। करीब छह हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित इस इलाके में अंग्रेजों के दो किले थे। ये किले गुलिस्तां और लॉक्हार्ट में थे। इन किलों के बीच में सारागढ़ी चौकी थी। यह पठानों का इलाका था।

21 सिख जवानों के हिस्से में थी सुरक्षा

अपने इलाके में अंग्रेजों की घुसपैठ स्थानीय पठानों को पसंद नहीं आई। वे इन किलों से अंग्रेजों को भगाने के लिए हमले करने लगे। अंग्रेजों ने लेफ्टिनेंट कर्नल जॉन हॉटन के नेतृत्व में 36 सिख रेजीमेंट की पांच कंपनियों को इस इलाके में तैनात किया। सारागढ़ी की कमांड हवलदार ईशर सिंह और 20 दूसरे जवानों (सभी सिख) के जिम्मे थी।

14 हजार पठानों ने किया था सारागढ़ी पर हमला

12 सितंबर 1897 को करीब 14 हजार पठानों ने दोबारा सारागढ़ी पर हमला किया। इन हजारों पठानों से निपटने के लिए चौकी में 21 सिख जवान मौजूद थे। हजारों की तादाद में पठानों को देखकर सैनिकों ने इसकी सूचना कर्नल हॉटन को दी। हॉटन उस समय लॉक्हार्ट के किले में था। उन्होंने कहा कि वे इतने कम समय में कोई मदद नहीं पहुंचा पाएंगे। आखिर में 21 सिख सैनिकों को अकेले ही हजारों पठानों से लोहा लेना पड़ा।

दो बार पीछे खिसकने को किया था मजबूर

पूरा इलाका-‘बोले सो निहाल, सतश्री अकाल’ के नारे से गूंज उठा। इन 21 सैनिकों ने दो बार पठानों को पीछे खिसकने पर मजबूर कर दिया। पठान किले के भीतर घुसने में कामयाब नहीं हो पाए। आखिर में उन्होंने फैसला लिया कि किले की दीवार को तोड़कर अंदर घुसा जाएगा। सिखों के पास गोलियां खत्म हो गईं तो उन्होंने अपनी राइफलों में लगे संगीन से हमला करना शुरू कर दिया।

युद्ध 21 सैनिकों ने मारे थे 600 से ज्यादा पठान

छह घंटे तक चले युद्ध में 21 सैनिकों ने 600 से ज्यादा पठानों को मार गिराया। हालांकि किले पर पठानों ने कब्जा कर लिया, लेकिन एक दिन बाद ही अंग्रेजों ने पठानों से किले को वापस छुड़ा लिया। 2019 में आई अक्षय कुमार की फिल्म केसरी इसी युद्ध पर आधारित है।

Advertisementspot_img

Also Read:

Breaking News : केरल के कलामासेरी में सिलसेलवार बम धमाके, एक की मौत, कई घायल , प्रशासन हाई अलर्ट पर

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (हि.स.)। केरल में एर्नाकुलम जिले के कलामासेरी स्थित एक कन्वेंशन सेंटर में रविवार सुबह हुए बम धमाकों में एक व्यक्ति...
spot_img

Latest Stories

Amitabh Bachchan ने सोशल मीडिया पर किया ऐसा ट्वीट, फैंस में मचा तहलका

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन सोशल...

बंगाल से राज्यसभा की दौड़ में नई एंट्री, ममता बनर्जी ने किया नॉमिनेट, आखिर कौन हैं कोयल मल्लिक?

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की...

The Kerala Story 2 Day 1 Collection: कंट्रोवर्सी के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूत ओपनिंग

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कोर्ट केस और सियासी विवादों के...

तेहरान समेत ईरान के कई इलाकों में विस्फोट, इजरायल की बड़ी सैन्य कार्रवाई का दावा

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अंतरराष्ट्रीय माहौल आज 28 फरवरी 2026...