धमतरी,28 मई ( हि. स.)। लाकडाउन खत्म होने में अब सिर्फ तीन दिन शेष है। इस बीच किसानों के हाथ पूरी तरह खाली है। उनके खाते में जमा राजीव गांधी किसान न्याय योजना की राशि निकालने इन दिनों बैंकों में भीड़ उमड़ने लगी है। ऐसे में एक बार फिर कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई है। खरीफ सीजन 2020-21 के उत्पादित धान को समर्थन मूल्य पर बेचने के बाद 21 मई को राज्य सरकार ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना की प्रथम किस्त किसानों के खातों में डाली है। आरटीजीएस के माध्यम से धान बेचने वाले जिलेभर के एक लाख नौ हजार से अधिक किसानों के खाते में राशि जमा हुई है। इस राशि को निकालने के लिए पिछले कुछ दिनों से सहकारी बैंकों में किसानों की भीड़ उमड़ रही है। लाकडाउन के बाद भी किसान रुपये निकालने पहुंच रहे हैं, क्योंकि उनके पास रुपये की कमी है। खरीफ खेती- किसानी करने और परिवार चलाने के लिए फिलहाल किसानों को रुपये की जरूरत है। वहीं लाकडाउन के बाद से मंडी बंद होने के बाद छोटे व मध्यम वर्ग के किसान अपने उत्पादित धान को अब तक नहीं बेच पाए हैं। कोचियों के पास कम दाम में वे धान बेचने तैयार नहीं है। इन किसानों के धान नहीं बिकने के कारण उन्हें मजदूरी व अन्य कर्ज देने के लिए रुपये की जरूरत है। ऐसे में किसान राजीव गांधी किसान योजना से उनके खाते में आए राशि को निकालने पहुंच रहे हैं। शारीरिक दूरी का पालन नहीं जिलेभर के सहकारी बैंकों में रुपये निकालने पहुंच रहे किसानों की भीड़ में शारीरिक दूरी का पालन नहीं किया जा रहा है। ऐसे में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण बढ़ने की आशंका है। वहीं कई किसान मास्क भी नहीं लगाए रहते। भीड़ को कम कराने बैंक प्रबंधन की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है। उल्लेखनीय है कि धमतरी जिले में कोरोना का संक्रमण अभी भी कम नहीं हुआ है। 27 मई को 112 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। जिसमें गुजरा में 40, कुरुद में 15, मगरलोड में 27, नगरी में 15 और धमतरी शहर में 15 लोग संक्रमित मिले हैं। अब तक जिले में 530 लोगों की मौत कोरोना से हो चुकी है। इस संबंध में जिला नोडल अधिकारी प्रहलादपुरी गोस्वामी का कहना है कि बैंकों में भीड़ नहीं करने के लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार / रोशन




