क्लासिकल सिंगर प्रभा अत्रे नहीं रहीं, दिल का दौरा पड़ने से हुआ निधन

पद्मश्री से सम्मानित मशहूर क्लासिकल सिंगर प्रभा अत्रे का 92 साल की उम्र में हार्ट अटैक से निधन हो गया...
सिंगर प्रभा अत्रे
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ैसे नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मशहूर क्लासिकल सिंगर प्रभा अत्रे नहीं रहीं। दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल ले जाया जा रहा था। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनका निधन हो गया। प्रभा अत्रे की गिनती भारत के सबसे ख्याति प्राप्त शास्त्रीय गायकों में होती थी, भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया था।

गायिका प्रभा अत्रे का जीवन - प्रभा अत्रे का जन्म 13 सितंबर, 1932 को पुणे में हुआ। प्रभा किराना घराने से ताल्लुक रखती हैं। प्रभा ने ठुमरी, गजल, दादरा, नाट्य, संगीत और भजन गाए हैं। अपूर्वा कल्याण, पटदीप मल्हार, तिलंग भैरवी, रवि भैरवी, दादरी कौंस जैसे कई रागों को बनाने का श्रेय प्रभा अत्रे को दिया जाता है।

इन बड़े सम्मानों के साथ गायिका को किया गया सम्मानित -

गायिका प्रभा अत्रे को सन 1990 में पद्मश्री से, 2002 में पद्मभूषण और 2022 में पद्मविभूषण से सम्मानित किया जा चुका है।

गायिका के द्वारा लिखी गई किताबें - प्रभा अत्रे ने गायकी के साथ-साथ म्यूजिक कंपोजिशन पर किताबें भी लिखी हैं। उनके द्वारा लिखी गई तीन किताबें स्वरागिनी, स्वरारंगी और स्वर्ंजनी काफी प्रसिद्ध है। प्रभा ऑल इंडिया रेडियो में असिस्टेंट प्रोड्यूसर भी रह चुकी हैं।

प्रभा अत्रे के नाम बना वर्ल्ड रिकॉर्ड - गायिका प्रभा के पास सिंगल स्टेज में 11 किताबें रिलीज करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। यह कारनामा 2016 में म्यूजिक पर लिखी गईं उनके द्वारा हिंदी और अंग्रेजी भाषा में 11 बुक लॉन्च करने पर बना।

उन्होंने सभी को संगीत की दुनिया में कुछ नया सिखाया और आज प्रभा अत्रे हम सभी के बीच में मौजूद नहीं है। पर उन्होंने अपनी कई यादों को हमारे बीच में छोड़ा है जिसकी बदौलत वह हम सभी को हमेशा याद रहेंगी।

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