नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । मशहूर मॉडल और एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपने खूबसूरत अदाकारी के लिए फेमस है लेकिन इस समय वे हाल ही में किए गए एक टीवी शो में दिए बयानों के बाद से विवादो में घिरती नजर आ रही है । जिसमें उन्होनें बदरीनाथ धाम में अपना मंदिर होने का दावा किया था जिसके बाद से चमोली जिले के तीर्थपुरोहित हकहकूकधारी उनसे खासे नाराज हैं। पुजारियों ने अभिनेत्री के दावों को बचकानी हरकत बताते हुए उनसे माफी की मांग कर दी है।
पहाड़ की बेटी होने के नाते तुरंत मांगे माफी
बामणी गांव के बदरीनाथ मंदिर में हकहकूकधारी के सदस्य व पूर्व नगर पंचायत के अध्यक्ष मेहता का कहना है कि उर्वशी रौतेला पहाड़ों यानी उत्तराखंड की रहनेवाली हैं, ऐसे में उन्हें देवी देवताओं के मंदिरों की मर्यादा की पूरी जानकारी होनी चाहिए, उनके इस बचकाने दावे से लोगों को ठेस पहुंची है। अभिनेत्री रौतेला को पहाड़ की बेटी होने के नाते तुरंत इस पर माफी मांगनी चाहिए।
यह देवी के रूप में पूज्यनीय है
बता दे, एक टीवी शो के दौरान उर्वशी रौतेला द्वारा बदरीनाथ धाम में अपना मंदिर होने का दावा किया था। जिसपर विवाद हो गया है। स्थानीय हकहकूकधारी और पुजारियों का कहना है कि इससे उनकी आस्था को ठेस पहुंची है। उर्वशी को माफी मांगनी होगी नही तो वे आंदोलन करेगें। उर्वशी मंदिर का शास्त्रों में नाम दर्ज है और यह देवी के रूप में पूज्यनीय है।
अपने नाम से जोड़कर एक्ट्रेस ने गलत किया है
बदरीनाथ धाम के पूर्व धर्माधिकारी भुवनचंद्र उनियाल के अनुसार, बदरीनाथ धाम के पास ही एक देवी मां का मंदिर है जो मां उर्वशी देवी से फेमस है उर्वशी मंदिर का शास्त्रों में उल्लेख है अपने नाम से जोड़कर एक्ट्रेस ने गलत किया है। उन्हें इसके लिए तुरंत माफी मांगनी होगी।
कौन हैं उर्वशी देवी?
पौराणिक शास्त्रों में बदरीनाथ धाम को उर्वशी पीठ के रुप में भी पूजा जाता है। जो बामणी गांव में मौजूद उर्वशी देवी का मंदिर है। जिन्हें की देवी के रुप में पूजा जाता है। बदरीनाथ के कपाट खुलने के साथ ही इनकी भी पूजा अर्चना होती है। सभी भक्त इन्हें सौंदर्य की देवी के रुप में पूजा करते है। इस मंदिर को लेकर एक मान्यता है कि, जब भगवान नारायण तपस्या कर रहे थे। तब उनकी साधना के फलस्वरुप उनकी जंघा से सुंदर अप्सरा का जन्म हुआ जो स्वर्ग की सबसे सुंदर अप्सराओं में से एक जिसका नाम उर्वशी पड़ा । स्वर्ग की अप्सरा उर्वशी ने बामणी गांव में कुछ दिन बिताए जिसके बाद इस जगह को उन्हीं के नाम से पूजा जाने लगा।
बामणी गांव की एक और कहानी
बदरीनाथ धाम के पास बामणी गांव की एक और कहानी है कि, माता सती को मुक्ति दिलाने भगवान शिव ने पृथ्वी का लोक का भ्रमण किया जिसके बाद विष्णु के सुदर्शन चक्र से सती के कई टुकडे़ हुए जिनमें एक टुकड़ा बामणी गांव में भी गिरा जिसे उर्वशी देवी के रुप में पूजा जाता है।




