नई दिल्ली/रफ़्तार डेस्क। सीएम योगी पर बनी फिल्म को सेंसर बोर्ड से रिलीज़ के लिए सर्टिफिकेट न मिलने पर निर्माताओं ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने फिल्म ‘अजय: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ़ अ योगी’ को सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया है, जिसके बाद निर्माताओं ने इस फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। फिल्म निर्माता सम्राट सिनेमैटिक्स की ओर से अधिवक्ता असीम नाफड़े, सत्य आनंद और निखिल अराधे ने दलील दी कि सीबीएफसी ने फिल्म देखे बिना ही फिल्म, ट्रेलर और उसके गानों के प्रमाणन के आवेदन को खारिज कर दिया है।
आपको बता दें, सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट न मिलने के बाद फिल्म ‘अजय: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ए योगी’ के निर्माताओं ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति नीला गोखले की पीठ शुक्रवार, आज 1 अगस्त को इस याचिका पर सुनवाई करेगी। कोर्ट ने सीबीएफसी से पूछा है कि जिस उपन्यास से यह फिल्म प्रेरित है, वह आठ साल से सार्वजनिक डोमेन में है, फिर भी प्रमाणन अस्वीकार करने का क्या कारण है।
फिल्म निर्माताओं ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा
अब कोर्ट ने सीबीएफसी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और पूछा है कि अगर किताब पर कोई आपत्ति नहीं जताई गई, तो उससे प्रेरित फिल्म सार्वजनिक व्यवस्था कैसे बिगाड़ सकती है? आपको बता दें, फिल्म ‘अजय: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ए योगी’ सीएम योगी आदित्यनाथ के जीवन पर आधारित किताब ‘द मॉन्क हू बिकेम चीफ मिनिस्टर’ से प्रेरित है। इस फिल्म में अनंत जोशी मुख्य भूमिका में हैं। जिसमें निर्माताओं ने इसी साल जून में आने वाली जीवनी पर आधारित फिल्म की एक नई झलक पेश की थी और इसका एक पोस्टर भी सोशल मीडिया पर शेयर किया था। जहाँ उन्होंने लिखा, “मैंने संसार त्याग दिया, भगवा धारण किया और सेवा में लीन हो गया। एक योगी – जो अकेले ही एक पूरा आंदोलन बन गया!” योगी जी के जन्मदिन पर, हम प्रस्तुत करते हैं उस कहानी की शुरुआत।
योगी जैसा दिखने के लिए मुंडवाए बाल
बता दें, अनंत जोशी ने फिल्म के लिए गंजे होने के बारे में भी खुलकर बात की, जिसमें उन्होंने कहा, “इस फिल्म में अपने किरदार के साथ न्याय करने के लिए, अपना एक हिस्सा त्यागना, अपना सिर मुंडवाना सिर्फ़ एक शारीरिक बदलाव से कहीं बढ़कर था, यह सीएम योगी के किरदार की भावना को अपनाने के लिए ज़रूरी त्याग था। मुझे पता था कि मैं इसे बनावटी तरीके से नहीं कर सकता। मुझे इस किरदार में पूरी तरह से खो जाना था। मुझे योगी बनना था, सिर्फ़ उनके जैसा अभिनय नहीं करना था।”





