नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड के एक्टर और कॉमेडियन जगदीप जन्म 29 मार्च, 1939 को मध्य प्रदेश के दतिया में हुआ था। आज एक्टर की बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर उनकी कॉमेडी के किस्से जानेंगे। बता दें कि, एक्टर और कॉमेडियन जगदीप ने फिल्म शोले में सुरमा भोपाली का किरदार निभाया था जिसे आज भी लोग याद करते हैं। ब्लैक एंड व्हाइट पर्दे के दौर में कॉमेडियन ने अपनी कलाकारी से लोगों को खूब गुदगुदाया।
कम उम्र में चले आए थे मुंबई
एक्टर और कॉमेडियन जगदीप का जीवन संघर्षों में रहा है। वह 6 साल की उम्र में मां के साथ मुंबई आ गए थे। मुंबई में जगदीप की मां यतीम खाने में खाना बनाया करती थीं। बहुत कम लोगों को पता है कि उनका असली नाम सैयद इश्तियाक अहमद जाफरी था। जगदीप के पिता दतिया में बैरिस्टर थे। इसके आजाद होने से पहले ही एक्टर के पिता का निधन हो गया था।
सड़कों पर भी किया काम
देश के आजाद होने के बाद कॉमेडियन के बड़े भाई और बहन पाकिस्तान चले गए थे लेकिन मां ने जाने से मना कर दिया था। मां छोटे से जगदीप को लेकर बॉम्बे चली आई थीं। बड़े शहर में नन्हे जगदीप को मां का दुख देखा नहीं गया। उन्होंने यह देखा कि दूसरे बच्चे भी पैसा कमा रहे हैं तो उन्होंने भी पैसा कमाने का सोचा। मां ने 6 साल के नन्हे जगदीप को कम करने से मना किया लेकिन वह सड़क किनारे कंघे, साबुन और कई सारी चीजें बेचने का काम करने लगे।
साबुन बेचते हुए चमक गई किस्मत
जब जगदीप सड़कों पर साबुन बेच रहे थे तब एक आदमी उनके पास आता है और कहता है फिल्मों में काम करोगे ? गरीबों की वजह से जगदीप ने कभी फिल्में नहीं देखी थी तब उन्होंने पूछा यह क्या होता है ? उस आदमी ने फिर जगदीप को फिल्मों के बारे में बताया और कहा कि स्टूडियो जाना होगा। इसके बाद जगदीप ने यह पूछा कि काम करने के लिए कितने पैसे मिलेंगे ? तो आदमी ने कहा कि 3 रुपए मिलेंगे। इस बात को सुनते ही जगदीप खुश हो गए।
मां के साथ पहुंचे स्टूडियो
अगले दिन जगदीप अपनी मां के साथ स्टूडियो पहुंच गए। जगदीप वहां पहुंचे तो एक नाटक चल रहा था जिसने एक बच्चा अपना डायलॉग नहीं बोल पा रहा था। तब उन्होंने डायरेक्टर से कहा कि यह मैं बोल सकता हूं। इसके बाद उन्होंने अपने चेहरे पर दाढ़ी मूछ लगाई और झट से डायलॉग बोल दिया। यह फिल्म ‘अफसाना’ थी जिसका डायलॉग बोलने के लिए जगदीप को 6 रुपए मिले थे।
चाइल्ड आर्टिस्ट के लिए मिले रोल
इसके बाद जगदीप को चाइल्ड आर्टिस्ट के रोल मिलने लग गए। फिल्म ‘धोबी डॉक्टर’ में जगदीप ने किशोर कुमार के बचपन का किरदार निभाया था। इस फिल्म में जगदीप के पिता को देखने के बाद महान निर्देशक बिमल रॉय उनसे काफी इंप्रेस हो गए थे। डायरेक्टर ने उन्हें फिल्म ‘दो बीघा जमीन’ में कास्ट कर लिया था जो एक्टर की जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।
शोले फिल्म में निभाया खास किरदार
फिल्म शोले एक एवरग्रीन फिल्म है जिसमें जगदीप ने सूरमा भोपाली के किरदार में जान डाली थी। बता दें कि, फिल्म में यह किरदार नहीं था लेकिन बाद में सलीम जावेद ने इस किरदार की रचना की थी। भले ही आज एक्टर हमारे बीच ना हो लेकिन उनके शोले फिल्म के किरदार को खूब याद किया जाता है।
कई सारी फिल्मों में किया है काम
जगदीप ने बॉलीवुड इंडस्ट्री में 400 से भी ज्यादा फिल्में की है। इसके अलावा उनके बेटे जावेद जाफरी भी बॉलीवुड इंडस्ट्री के एक बहुत बड़ी कलाकार हैं। जगदीप का निधन साल 2020 में हो गया था उनके निभाए गए किरदार आज भी लोगों के जहन में जिंदा है।





