नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड के सबसे रंगीले और बहुआयामी कलाकारों में शुमार शक्ति कपूर आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। 80 और 90 के दशक में खलनायकी हो या कॉमेडी हर रोल में जान डालने वाले इस अभिनेता की ज़िंदगी में एक ऐसा मोड़ भी आया था, जब उन्हें लगा कि सब कुछ खत्म हो गया है। किसी फिल्म की शूटिंग के दौरान, हालात ऐसे बने कि शक्ति कपूर को यकीन हो चला कि अब उनका करियर खत्म हो जाएगा। सेट पर माहौल ऐसा था कि उन्होंने फिल्म ही छोड़ने का फैसला कर लिया था। दिल टूटा था, हौसले चकनाचूर थे। लेकिन कहते हैं ना, जब इंसान हार मानने लगे, तो किस्मत उसे नया रास्ता दिखा देती है। उसी सेट पर मौजूद एक शख्स जिसका नाम भले आज लोगों को याद न हो, लेकिन उसकी बात ने शक्ति कपूर की ज़िंदगी बदल दी।
कॉमेडी करने से घबराए थे शक्ति कपूर
यह किस्सा है फिल्म ‘मवाली’ की शूटिंग का। इससे पहले शक्ति कपूर ‘सत्ते पे सत्ता’ में पहली बार कॉमेडी कर चुके थे। जब डायरेक्टर राज सिप्पी ने उनसे कॉमेडी रोल करने को कहा, तो उन्होंने साफ कहा अरे, मेरा तो विलेन के तौर पर अच्छा-खासा करियर चल रहा है, मुझे क्यों कॉमेडियन बना रहे हो यार!लेकिन बात यहीं नहीं रुकी।
‘मवाली’ के सेट पर टूट गया था हौसला
शक्ति कपूर ने खुद इस घटना का ज़िक्र ‘द कपिल शर्मा शो’ में किया था। उन्होंने बताया, फिल्म मवाली के पहले ही सीन में कादर खान साहब ने मुझे थप्पड़ मारा, मैं नीचे गिर गया। फिर अरुणा ईरानी जी ने मारा, फिर गिरा। इसके बाद जीतू (जीतेंद्र) साहब ने लात मारी, और मैं फिर गिर गया। मुझे लगा कि अब तो करियर खत्म! मैंने सोचा, ये लोग मेरा कोई अंग नहीं छोड़ेंगे जहां चोट न पहुंचे। इस अपमानजनक अनुभव से आहत होकर उन्होंने फिल्म छोड़ने का मन बना लिया था।
जब वीरू देवगन ने थामा हौसला
हताश शक्ति कपूर सीधे कादर खान के पास पहुंचे और बोले सर, मेरी शाम की टिकट करा दो, मैं जा रहा हूं। ये फिल्म नहीं करनी। लेकिन उसी समय सेट पर मौजूद थे मशहूर एक्शन डायरेक्टर वीरू देवगन सुपरस्टार अजय देवगन के पिता। उन्होंने शक्ति कपूर को एक कोने में बुलाया और जो कहा, वह बन गया जीवन का टर्निंग पॉइंट।वीरू जी ने कहा बेटा, अगर ये रोल करने के लिए तुझे थप्पड़ खाने पड़ रहे हैं, तो खा। लात भी खा, लेकिन बेशर्म बनकर खा। जब फिल्म रिलीज होगी, तो सारा पब्लिक तुझे याद करेगा।
वीरू देवगन की यह सलाह शक्ति कपूर को भीतर तक छू गई। उन्होंने फिल्म नहीं छोड़ी… और नतीजा? मवाली बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई। और शक्ति कपूर की पहचान एक नए अंदाज़ में दर्शकों के बीच बनी।इसके बाद तो जैसे शक्ति कपूर के लिए कॉमेडी रोल्स की झड़ी लग गई। राजा बाबू में ‘नंदू’ का उनका किरदार आज भी दर्शकों के जे़हन में ताज़ा है। फिर चाहे अंदाज़ अपना अपना का ‘क्राइम मास्टर गोगो’ हो या चालबाज़ का कॉमिक विलेन हर रोल में उन्होंने जान डाल दी।
वेब सीरीज तक में दिखा दम
आज भी शक्ति कपूर एक्टिंग से दूरी नहीं बनाए हुए हैं। हाल ही में वह वेब सीरीज ‘गिल्टी माइंड्स’ में नजर आए, और कुछ साउथ इंडियन फिल्मों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।मुश्किल वक्त में हिम्मत हार जाना आसान होता है, लेकिन सही सलाह और दृढ़ निश्चय हो तो हालात बदलते देर नहीं लगती। शक्ति कपूर की कहानी भी यही साबित करती है।
उसने बड़ी ही सादगी से कहा, शक्ति, हर रोल तुम्हारे लिए एक मौका है। इसे मत छोड़ो। लोग तुम्हारी काबिलियत देख रहे हैं।बस, फिर क्या था! शक्ति कपूर ने उस फिल्म को पूरे दिल से किया। नतीजा? वही फिल्म उनके करियर का टर्निंग पॉइंट बन गई। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। ‘क्राइम मास्टर गोगो’ से लेकर ‘नंदू सबका बंधु’ तक, उन्होंने अपने किरदारों को इस कदर जिया कि लोग आज भी उनके डायलॉग्स को दोहराते हैं।आज जब शक्ति कपूर अपना जन्मदिन मना रहे हैं, तो यह कहानी हमें याद दिलाती है कि एक सही सलाह, एक सही वक्त पर दी गई हिम्मत की बात किसी की भी ज़िंदगी बदल सकती है।





