नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बीते दिन उत्तराखंड के उत्तरकाशी के धराली इलाके में अचानक बादल फटने से भारी बाढ़ आ गई, यह अचानक आई बाढ़ ने भारी जनहानि की। जिसमे घर, होमस्टे और होटल बह गए और करीब 4 लोगों की मौत की खबर भी है। इस आपदा में कई लोग मलबे और कीचड़ में दब गए हैं। बादल फटने से आई बाढ़ ने जन जीवन का अस्त व्यस्त कर दिया। इस आपदा का एक भयावह वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा जहां इलाके में बसा एक गांव बादल फटने से मलबे में तब्दील हो गया।
इस आपदा की खबर सुन हर कोई हैरान था। राजनेताओं से लेकर फिल्मी जगत और क्रिकेट की दुनिया से जुड़े कई दिग्गजों ने इस पर शोक जताया। और आपदा में खोने वाले पीडि़त परिवारों को अपना दर्द बंटा। वही, इस आपदा से बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस सारा अली खान बेहद दुखी है। उनको इस त्रासदी ने बहुत दुख पहुंचाया है। वो उत्तराखंड में आई इस त्रासदी के बीच सभी की सुरक्षा और सेहत के लिए प्रार्थना कर रही हैं।
सारा अली खान लोगों के प्रति जताया दुख
सारा अली खान ने मंगलवार (5 अगस्त) देर रात अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक नोट लिखकर इस आपदा पर दुख जताया। और त्रासदी में प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। सारा ने सोशल मीडिया के अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर लिखा, “उत्तराखंड में हुई इस घटना से प्रभावित सभी लोगों के प्रति मेरी संवेदना है। सभी की सुरक्षा, शक्ति और स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना करती हूं।” एक स्टोरी में, उन्होंने उत्तरकाशी जिला आपातकालीन संचालन केंद्र द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद के लिए जारी किए गए इमरजेंसी नंबर शेयर किए।
सारा का उत्तराखंड से रहा है खास नाता
सारा का उत्तराखंड से एक खास लगाव रहा है, उन्होंने अपनी पहली फीचर फिल्म केदारनाथ, की शूटिंग भी यहीं पर की थी। जिमसें दिवंगत सुशांत सिंह राजपूत भी थे। यह फिल्म 2013 में उत्तराखंड में आई विनाशकारी बाढ़ पर आधारित है, जिसमें हजारों लोग मारे गए थे। सारा तब से कई बार वहां जा चुकी हैं।
बता दें कि, उत्तरकाशी के धराली इलाके में मंगलवार (5 अगस्त) को अचानक बादल फटने से पूरा गांव बाढ़ में बह गया। जिसमें चार लोगों की मौत की खबर है। और कई घर बह । . धराली गंगोत्री जाने वाले रास्ते का मुख्य पड़ाव है और यहाँ कई होटल, होम स्टे और रेस्टोरेंट हैं। अचानक बाढ़ ने खीर गंगा नदी के किनारे बसे कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया।
लगातार बारिश से रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा
मिली जानकारी के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि सेना, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय पुलिस के जवानों ने आधी रात तक 70 लोगों का रेस्क्यू किया है। जबकि लगातार बारिश और दुर्गम इलाके ने उनके रेस्क्यू में बाधा उत्पन्न हो रही है। इस भीषण तबाही ने 2013 में केदारनाथ में आई बाढ़ और 2021 में ऋषिगंगा आपदा की भयावह यादें ताजा कर दीं।





