नई दिल्ली/रफतार डेस्क/ बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान पर हमले के मामले में मुंबई पुलिस को एक बड़ा सुराग तब मिला, जब आरोपी ने वर्ली के सेंचुरी मिल इलाके में एक स्टॉल से पराठा और पानी की बोतल खरीदने के लिए Google Pay (G Pay) के जरिए भुगतान किया। इसी डिजिटल ट्रांजेक्शन से पुलिस को आरोपी का मोबाइल नंबर मिला और जांच आगे बढ़ी।
यूपीआई ट्रांजैक्शन से आरोपी तक कैसे पहुंची पुलिस?
सूत्रों के मुताबिक, G Pay के जरिए किए गए भुगतान से पुलिस को आरोपी मोहम्मद शरीफुल इस्लाम (30) का मोबाइल नंबर प्राप्त हुआ। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी सहायता से उसे ठाणे में ट्रेस किया। वहाँ से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने एक श्रमिक शिविर के पास स्थित घने जंगल तक अपनी खोज का दायरा बढ़ाया।
ठाणे में गिरफ्तारी की कहानी
करीब 100 पुलिसकर्मियों की टीम ने घटनास्थल पर तलाशी शुरू की। पुलिस टीम जब वापस लौटने की तैयारी कर रही थी, तभी एक अधिकारी की टॉर्च की रोशनी में जमीन पर सोया हुआ एक व्यक्ति दिखाई दिया। जब टीम उसके पास पहुंची, तो वह भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने उसे जल्द ही पकड़ लिया।
आरोपी का कबूलनामा
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि जब उसने टीवी और यूट्यूब पर अपनी तस्वीरें देखीं, तो डर के कारण वह ठाणे भाग गया। ठाणे में वह पहले एक बार में काम करता था, इसलिए वह इलाके से परिचित था।
सीसीटीवी फुटेज से मिली जानकारी
पुलिस ने आरोपी का पीछा करने के लिए सबसे पहले बांद्रा रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। इसके बाद उसे दादर स्टेशन के बाहर एक दुकान पर मोबाइल कवर खरीदते हुए ट्रेस किया गया। हालांकि, इस दौरान उसने नकद भुगतान किया था, जिससे पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला। आगे की जांच में उसे कबूतरखाना और फिर वर्ली इलाके में देखा गया।
स्टॉल से मिली अहम जानकारी
वर्ली में सेंचुरी मिल के पास एक स्टॉल पर आरोपी कुछ देर रुका था। फुटेज में वह स्टॉल के मालिक से दो बार बातचीत करता हुआ दिखाई दिया। पुलिस को जानकारी मिली कि स्टॉल मालिक नवीन एक्का कोलीवाड़ा इलाके में रहता है।
मकान मालिक से मिली मदद
पुलिस ने नवीन एक्का के मकान मालिक राजनारायण प्रजापति से संपर्क किया। उनके बेटे विनोद से पूछताछ के दौरान पुलिस को एक्का का मोबाइल नंबर मिला। जांच में पता चला कि आरोपी ने G Pay के जरिए भुगतान किया था, जिससे पुलिस को उसकी पहचान करने में मदद मिली।





