नई दिल्ली /रफ्तार डेस्क । फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग मामले में नई जानकारी सामने आई है। मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि हमले में इस्तेमाल की गई गाड़ी पुणे से महज 30 हजार रुपये में खरीदी गई थी। जांच में यह भी उजागर हुआ कि गाड़ी का मालिक इसे कुछ दिन पहले गिरफ्तार आरोपी आदित्य गायकी को बेच चुका था। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उन्हें जिला कोर्ट में पेश करने के बाद 5 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार आदित्य गायकी और अन्य आरोपी समर्थ पोमाजी ने यह गाड़ी मुंबई लाकर जुहू में पहले से तय स्थान पर छोड़ दी थी। प्रारंभिक जांच से यह भी पता चला कि दोनों शूटर्स को एक-दूसरे के नाम की जानकारी नहीं थी।
शूटर्स एक-दूसरे से थे अनजान
पुलिस के अनुसार, गाड़ी खरीदने और मुंबई लाने वाले आरोपी नहीं जानते थे कि फायरिंग को अंजाम देने वाला शूटर कौन होगा। बाद में शुभम लोनकर ने शूटर को निर्देश दिया कि वह तय स्थान से वाहन उठाकर फायरिंग करे। जांच में यह भी सामने आया कि अपराध की योजना में अलग-अलग छोटे समूहों को जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन एक समूह को दूसरे समूह की जानकारी नहीं थी। पुलिस का कहना है कि यह रणनीति पहले के कई अपराधों में भी अपनाई गई है, ताकि पकड़े जाने की संभावना कम हो।
रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई पांच राउंड फायरिंग
शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि लगभग 12:30 से 1:00 बजे के बीच रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर के बाहर पांच राउंड फायरिंग की घटना हुई। सामने आए वीडियो में शेट्टी टावर की इमारत पर तीन गोलियों के निशान स्पष्ट रूप से दिख रहे हैं। इमारत में दो मुख्य गेट हैं और टावर परिसर में 10 से अधिक CCTV कैमरे लगे हुए हैं, जो पूरी घटना की निगरानी कर रहे थे।
जांच में जुटी पुलिस
हमले के तुरंत बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और क्राइम ब्रांच की कई टीमें घटनास्थल पर पहुंची। अभी 4-5 टीमें आसपास के क्षेत्रों में लगे 100 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं, ताकि आरोपियों के भागने के मार्ग और पूरे हमले की साजिश से जुड़ी कड़ियां सामने आ सकें। पुलिस ने बताया कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।





