नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड एक्टर नाना पाटेकर जिस फिल्म का हिस्सा बन जाते हैं उस फिल्म के लीड कैरेक्टर की चर्चा ही नहीं होती, क्योंकि उनका किरदार लोगों के दिलों पर छा जाता है। फिल्म ‘परिंदा’ से लेकर ‘क्रांति’ तक उनके करियर की ऐसी फिल्में है जिसने वह जाने जाते है। इसके अलावा नाना पाटेकर की फिल्म ‘क्रांतिवीर’ का डायलॉग ‘आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने’ आज भी दर्शकों को याद है। यह एक ऐसा सीन था जिसे शूट करने के लिए नाना पाटेकर अस्पताल से छुट्टी लेकर आ गए थे।
नाना पाटेकर के चेस्ट में था पेन
नाना पाटेकर ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया है कि, वह राइटिंग स्टेज पर ज्यादा काम करते थे उनके दिमाग में जो लाइनें आती थी वह डायलॉग में जोड़ देते थे। नाना पाटेकर ने बताया कि फिल्म ‘क्रांतिवीर’ का मोनोलॉग उन्होंने सेट पर पहुंचकर ही तैयार किया था। उन्होंने बताया “हम अस्पताल में थे और दूसरे दिन सीन शूट होने वाला था मैंने कहा अगर आज हम मर गए तो मेरा प्रोड्यूसर डायरेक्टर कल मर जाएगा इसलिए जाकर सीन कर देते हैं।” बता दें कि, इस दौरान नाना पाटेकर को चेस्ट में पेन था वह अस्पताल में एडमिट थे।
फेमस हो गया नाना पाटेकर का डायलॉग
नाना पाटेकर ने बताया कि इस तरह से पूरा मोनोलॉग वहीं पर तैयार किया गया और शूट किया गया। फिल्म ‘क्रांतिवीर’ में जब नाना पाटेकर को फांसी की सजा सुनाई जाती है तब पाटेकर एक डायलॉग बोलते हैं – ‘आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने।’ इस तरह से यह डायलॉग फेमस हो गया और आज तक लोग इसे याद करते हैं।
नाना पाटेकर की रचना बनी डायलॉग
फिल्म की शूटिंग के दौरान जब नाना पाटेकर की तबीयत खराब हुई तब भी वह शूटिंग रोकने को तैयार नहीं थे। उन्होंने ऐसी एक्टिंग की जो स्क्रिप्ट में थी ही नहीं। एक्टर ने तुरंत सीन को परफॉर्म किया इस तरह से यह डायलॉग उनकी रचना बन गई।
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