नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। मौसमी चटर्जी का जन्म 26 अप्रैल 1948 को कोलकाता में हुआ था। एक्ट्रेस ने अपने दमदार अभिनय के दम पर इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई है। पर्दे पर उन्होंने अपने किरदार को जिस तरह निभाया है लोगों ने उन्हें बहुत पसंद भी किया है। मौसमी चटर्जी को लेकर इंडस्ट्री में एक बात खूब चर्चा में थी कि वह बिना ग्लिसरीन के रो देती थीं।
बहुत जल्दी हो गई थी शादी
मौसमी चटर्जी के पिता सेना में काम किया करते थे। इसके अलावा उनके दादाजी जज रह चुके हैं। एक्ट्रेस की शादी भी बहुत कम उम्र में हो गई थी। जब मौसमी दसवीं क्लास में थी तब उनकी शादी जयंत मुखर्जी से हुई थी। शादी के बाद मौसमी चटर्जी ने करियर के बारे में सोचा जो उस समय बहुत बड़ी बात थी।
दो बेटियों को दिया जन्म
मौसमी चटर्जी ने शादी के बाद दो बेटियों का स्वागत किया। बड़ी बेटी का नाम पायल था और दूसरी का नाम मेघा है। बड़ी बेटी पायल को एक्ट्रेस ने खो दिया है यानी उनका निधन हो गया था। बता दें कि, पायल किसी बड़ी बीमारी का सामना कर रही थीं। बेटी के निधन का दुख आज भी मौसमी चटर्जी याद करती हैं।
मौसमी चटर्जी की डेब्यू फिल्म
मौसमी चटर्जी ने शादी के बाद साल 1967 में बंगाली फिल्म ‘बालिका वधू’ से डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा में साल 1972 में फिल्म ‘अनुराग’ से डेब्यू किया। इस फिल्म के बाद उन्होंने कई बड़े-बड़े सितारों के साथ इंडस्ट्री में काम किया। एक्ट्रेस की प्रमुख फिल्मों में अंगूर, मंजिल, रोटी कपड़ा और मकान, प्यासा सावन, घर एक मंदिर जैसी सुपरहिट फिल्में शामिल है।
बिना ग्लिसरीन रो देती थीं मौसमी
मौसमी चटर्जी का स्टारडम काफी आगे चल दिया था इसके बाद उस समय में सबसे ज्यादा फीस लेने वाली एक्ट्रेस बन गईं। एक्ट्रेस की एक्टिंग का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता था कि वह बिना ग्लिसरीन के रोने वाला सीन कर दिया करती थीं। वह फिल्म की कहानी में इतना खो जाती थीं कि उन्हें ग्लिसरीन की जरूरत नहीं पड़ती थी।




