नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। एक्ट्रेस कंगना रनौत ने हाल ही में यह स्वीकार किया है कि फिल्म इमरजेंसी के लिए सीधे ओटीटी प्रीमियर के बजाय थिएटर रिलीज का ऑप्शन चुनना एक गलती हो सकती है। कई विवादों के बाद आखिरकार अब सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तैयार है। कंगना का मानना है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उन्हें एक बेहतर डील मिल सकती थी। आइए जानते हैं कि एक्ट्रेस ने इस बारे में क्या कहा।
हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कंगना ने कहा कि “मैं डरी हुई थी। यदि ओटीटी का रास्ता चुना होता, तो फिल्म को सेंसर बोर्ड की जांच का सामना नहीं करना पड़ता। मुझे लगा कि इस फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज करना एक गलत फैसला था। यदि ओटीटी पर डील करती तो शायद मुझे तब सेंसरशिप से भी नहीं गुजरना पड़ता और मेरी फिल्म का विश्लेषण नहीं किया जाता। मुझे नहीं पता था कि सेंसर बोर्ड क्या-क्या हटा देंगे और हमें रखने देंगे।”
फिल्म बनाने में मुझसे कई गलतियां हुईं
कंगना ने कहा कि “इस फिल्म को बनाने में मैंने कई गलतियां भी की हैं। सबसे पहली गलती थी फिल्म का निर्देशन। मैंने इसे खुद के लिए अच्छा समझा कि अब हमारे पास कांग्रेस की सरकार नहीं है तो फिल्म रिलीज को लेकर कोई परेशानी भी नहीं आएगी। किसी ने फिल्म नहीं देखी और उस समय, उन्होंने सभी प्रिंट जला दिए थे। उन्होंने आगे कहा कि किसी ने श्रीमती गांधी के बारे में फिल्म नहीं बनाई। इमरजेंसी देखने के बाद आज की पीढ़ी यह सोचकर हैरान हो जाएगी कि वह ऐसी कैसे हो गई। आखिरकार, वह तीन बार प्रधानमंत्री बनी। मैंने चीजों को कम करके आंका और सोचा कि मैं इमरजेंसी पर फिल्म बनाकर बच निकलूंगी।”
हम सरकारी निकायों का बहुत सम्मान करते हैं
कंगना ने कहा कि हमने छोटी-छोटी बातों की भी जांच का सामना किया। सभी दस्तावेज जमा किए। इतिहासकारों और विभिन्न प्रांतों और समुदायों के लोगों ने इसे देखा और उन्हें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं लगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि फिल्म को अवैध रूप से रोक दिया गया है। लेकिन हम सरकारी निकायों का बहुत सम्मान करते हैं और हमने उनका पूरा सहयोग किया।
इन कलाकारों ने किया अभिनय
इस फिल्म में कंगना रनौत, अनुपम खेर , श्रेयस तलपदे, अशोक छाबड़ा, महिमा चौधरी, मिलिंद सोमन, विशाक नायर और सतीश कौशिक मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। यह फिल्म 17 जनवरी को सिनेमाघरों में आएगी।





