नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। जे.ओम प्रकाश एक बेहतरीन कलाकार थे। फिल्मों में एक्टिंग के साथ-साथ वो अच्छे फिल्ममेकर भी थे। फिल्मकार के रूप में भी उन्होंने अपना काफी नाम बनाया हुआ है। उनकी फिल्मों में ऐसा जादू था जो लोगों को बांध कर रखती थी। और दर्शक ऐसी फिल्में काफी ज्यादा पसंद भी करते थे। आपको बता दें कि, जे. ओमप्रकाश का नाम जे. ओमप्रका नहीं बल्कि ओमप्रकाश था। तो आखिर ऐसा क्या हुआ जो फिल्मकार को अपने नाम के आगे जे. लगाना पड़ा। तो चलिए इससे जुड़ा किस्सा जानते हैं।
इस कारण बदलना पड़ा था नाम
आपको बता दें कि, जे. ओम प्रकाश का असली नाम ओम प्रकाश ही था। दरअसल जब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा तो उस दौर में ओम प्रकाश नाम के कॉमेडियन भी थे और वो काफी मशहूर थे। दोनों के नाम एक जैसे होने की वजह से काफी कंफ्यूजन होता था। जब कहीं फिल्मकार जाते थे तो उन्हें कॉमेडियन समझ लिया जाता था। इसलिए उन्होंने अपने नाम में बदलाव करने का सोचा और ओम प्रकाश ने अपने नाम के आगे जे. जोड़ लिया। अब ये सवाल आता है कि उन्होंने जे. नाम ही क्यों चुना तो आपको बता दें कि, इस जे. का मतलब जगतराम था जोकि उनके पिता का नाम था।
ऋतिक रोशन के साथ है अनोखा रिश्ता
जे. ओमप्रकाश की फिल्मों को तो अधिकतर लोग जानते होंगे। लेकिन बहुत काम लोग ही है जो ये जानते हैं कि जे.ओमप्रकाश ऋतिक रोशन के नाना थे। इतना ही नहीं बल्कि दोनों की बॉन्डिंग भी काफी अच्छी थी। वहीं जब ऋतिक 6 साल के थे, तब उन्होंने अपने नाना की फिल्म ‘आशा’ से फिल्मों में कदम रख दिया था।इसके अलाव ऋतिक ने उनकी फिल्म आसपास और भगवान दादा में भी नजर आए थे।
जे. ओमप्रकाश की फिल्में और उनका संघर्ष
जे. ओम प्रकाश का जन्म 24 जनवरी 1927 के दिन अविभाजित भारत के सियालकोट पाकिस्तान में हुआ था।लेकिन जब देश का बटवारा हुआ तो उस दौरान वह मुंबई आ गए और फिर धीरे-धीरे फिल्मी दुनिया की ओर अपने कदम बढ़ाने लगे। जे. ओमप्रकाश पहले कुछ फिल्मों में काम किया लेकिन उनकी एक्टिंग कुछ खास नहीं रही फिर उन्होंने बतौर डायरेक्टर ‘आपकी कसम’ फिल्म से डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक फिल्में बनाई। इसमें अपनापन, आशा, अपना बना लो, आदमी खिलौना है जैसी कई फिल्मों का नाम शामिल है।





