नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। भारत सरकार ने खेल पुरस्कारों का ऐलान कर दिया है। सरकार ने 4 खिलाड़ियों D Gukesh, Manu Bhaker, हरमनप्रीत सिंह और प्रवीण कुमार को मेजर ध्यानचंद खेलरत्न पुरस्कार देने का ऐलान किया है। वहीं, 32 खिलाड़ियों को अर्जुन अवॉर्ड और पांच कोचेस को द्रोणाचार्य अवॉर्ड देने का ऐलान किया है, इनमें दो द्रोणाचार्य अवॉर्ड लाइफटाइम कैटेगिरी में दिए गए हैं। इसके साथ ही लाइफटाइम कैटेगिरी में दो खिलाड़ियों को अर्जुन अवॉर्ड दिए जाने का ऐलान किया गया है। इनमें पूर्व साइकलिस्ट सुचा सिंह और पैरालंपिक में भारत को पहला गोल्ड दिलाने वाले मुरलीकांत पेटकर शामिल हैं। मुरलीकांत पेटकर पर बीते साल एक फिल्म भी आई थी चंदू चैम्पियन। इस फिल्म में कार्तिक आर्यन नजर आए थे।
मुरलीकांत पेटकर लाना चाहते थे गोल्ड मेडल
फिल्म ‘चंदू चैम्पियन‘ भारत के पहले पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता मुरलीकांत पेटकर के जीवन पर आधारित है। मुरलीकांत पेटकर महाराष्ट्र के सांगली जिले के पेठ इस्लामपुर के रहने वाले हैं। उनका सपना था कि देश के लिए कुछ कर के दिखाना है। देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना है। वो हमेशा कुश्ती खेला करते थे। इसके साथ ही वो अपना करियर स्पोर्ट्स में बनना चाहते थे लेकिन परिवार की तरफ से उतना साथ नहीं मिला जितना वो हमेशा चाहते थे।
9 गोलियां लगाने के बाद भी जीता गोल्ड मेडल
जब घर से उतना स्पोर्ट नहीं मिला तो उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से भारतीय सेना में भर्ती हो गए। वो सेना में में इलेक्ट्रॉनिक्स और मैकेनिकल इंजीनियर्स कोर में क्राफ्ट्समैन रैंक के जवान थे। सेना में रहते हुए अपना सपना नहीं छोड़ा उन्होंने सेना की तरफ से बॉक्सिंग भी की। पाकिस्तान के खिलाफ 1965 की जंग में उन्हें 9 गोलियां लगी वो काफी ज्यादा घायल हो गए थे। और कोमा में भी चले गए और अपाहिज भी हो गए थे। इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और तैराकी में जाने का फैसला किया। उन्होंने जर्मनी के हीडलबर्ग में 50 मीटर फ्रीस्टाइल में 37.33 सेकंड के समय के साथ इतिहास रचा और देश के लिए गोल्ड मेडल जीता था।





