नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक इम्तियाज अली ने हाल ही में एआर रहमान को लेकर छिड़ी विवादित बहस में उनका समर्थन करते हुए कहा है कि संगीतकार के बयान गलत तरीके से पेश किए गए। इम्तियाज अली ने इंडिया टुडे से बातचीत में साफ कहा कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में किसी तरह का सांप्रदायिक पक्षपात नहीं है और रहमान के बारे में जो बातें सामने आ रही हैं, उसे गलत समझा गया यानी गलत अर्थ में ली गई हैं।
मुझे कभी भी ऐसा पक्षपात नहीं दिखा।-इम्तियाज
इम्तियाज ने कहा, मैंने इतने लंबे समय से इंडस्ट्री में काम किया है, मुझे कभी भी ऐसा पक्षपात नहीं दिखा। एआर रहमान इंडस्ट्री के सबसे प्रतिभाशाली लोगों में से एक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें विश्वास है कि रहमान ने जो बातें कही हैं, वे ठीक वैसे नहीं कही गईं। इम्तियाज ने स्पष्ट किया, मुझे याद नहीं आता कि कभी किसी जगह सांप्रदायिक दुश्मनी या भेदभाव का सामना करना पड़ा हो।
कई लोग उनके बयान को गलत तरीके से समझने लगे।
इस विवाद की शुरुआत तब हुई, जब रहमान ने एक इंटरव्यू में कहा था कि पिछले आठ साल में उनके हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में काम की मात्रा घट गई है। उन्होंने कहा था कि इसके पीछे सांप्रदायिक बात और इंडस्ट्री में क्रिएटिव कंट्रोल का बदलाव एक कारण हो सकता है। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना तेज हो गई, और कई लोग उनके बयान को गलत तरीके से समझने लगे।
रहमान ने सफाई देते हुए कहा-उनकी बातों को गलत समझा गया
बाद में रहमान ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी बातों को गलत समझा गया और उनका उद्देश्य किसी को आहत करना नहीं था। इस बीच उनकी बेटियाँ रहीमा और खतिजा भी खुलकर अपने पिता का समर्थन कर चुकी हैं। संगीतकार कैलास ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि यह आलोचना नहीं बल्कि घृणा फैलाने वाला हमला है।इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि जब कोई कलाकार अपनी निजी अनुभूति साझा करता है, तो क्या उसे सार्वजनिक रूप से सजा दी जा सकती है





