नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पंजाबी फिल्मों और संगीत जगत के सुपरस्टार गिप्पी ग्रेवाल की जिंदगी संघर्ष और मेहनत की मिसाल है। आज जहां उनका नाम करोड़ों फैंस के दिलों में बसता है, वहीं शुरूआत में उन्होंने गाड़ियों धोने, सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने और कनाडा में रेस्तरां में वेटर बनने जैसे कठिन काम किए। गिप्पी का जन्म 2 जनवरी 1983 को हुआ और आज वह अपना 39वां जन्मदिन मना रहे हैं।
बचपन से ही संगीत और नाटकों में रुचि रखने वाले गिप्पी की पढ़ाई में ज्यादा दिलचस्पी नहीं थी। पढ़ाई सिर्फ इतनी ही कि पास हो जाएं। 12वीं के बाद उन्होंने म्यूजिक सीखना शुरू किया। उनके म्यूजिक गुरु ने उनकी रफ आवाज पर काम करने की सलाह दी, जिसे गिप्पी ने सुधारकर अपनी पहचान बनाई। उनकी रफ और अनोखी आवाज ने उन्हें अलग ही पहचान दी।
गिप्पी ग्रेवाल पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेता, गायक, निर्माता, निर्देशक और लेखक के रूप में सक्रिय हैं। फिल्मों में आने से पहले उन्होंने कनाडा में वेटर, दिल्ली में सिक्योरिटी गार्ड और गाड़ियों की धोने जैसी नौकरियों में काम किया। वह कहते हैं कि किसी भी काम में शर्म नहीं आती और ईमानदारी से कमाए हुए पैसे से सुकून मिलता है। यही मेहनत उन्हें संगीत में करियर बनाने के लिए प्रेरित करती रही।
गिप्पी ने अपने संगीत करियर की शुरुआत हिट अलबम ‘चक्ख लाई’ से की। इसके बाद साल 2010 में उन्हें पंजाबी फिल्म ‘मेल करादे रब्बा’ में काम करने का मौका मिला और फिर ‘जिहने मेरा दिल लुटेया’ में उनकी लोकप्रियता बढ़ी। साल 2012 में उन्होंने खुद ‘कैरी ऑन जट्टा’ का निर्माण किया, जो इंडस्ट्री की बड़ी हिट साबित हुई। इसके बाद ‘कैरी ऑन जट्टा 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर 60 करोड़ रुपये कमाए। दर्शकों को अब इस साल इसके तीसरे भाग का इंतजार है।
गिप्पी ग्रेवाल की कहानी इस बात की गवाह है कि मेहनत, ईमानदारी और जुनून से कोई भी व्यक्ति किसी भी मुकाम तक पहुंच सकता है। आज वह न सिर्फ पंजाबी सिनेमा के सुपरस्टार हैं, बल्कि संगीत की दुनिया में भी करोड़ों फैंस के दिलों पर राज कर रहे हैं। उनके संघर्ष और सफलता की कहानी नए कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।गिप्पी ग्रेवाल ने गाड़ियों धोने और छोटी नौकरियों से शुरुआत करके पंजाबी इंडस्ट्री में सुपरस्टार बनने तक का लंबा सफर तय किया। उनकी मेहनत, संघर्ष और ईमानदारी ने उन्हें एक मिसाल बना दिया।





