नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । फराह खान आज बॉलीवुड में एक नामचीन फिल्ममेकर, कोरियोग्राफर और प्रोड्यूसर हैं। लेकिन उनके सफर की शुरुआत आसान नहीं थी। छोटे वक्त में ही फराह को पिता की मौत का सामना करना पड़ा, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति काफी बिगड़ गई। एक समय ऐसा भी आया जब उनके पास घर चलाने तक के पैसे नहीं थे। हालांकि, उनके पिता कामरान खान फिल्म इंडस्ट्री के स्टंटमैन और डायरेक्टर थे, लेकिन फराह को फिल्मों में काम पाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। नेपोटिजम के सवाल भी उन्हें सुनने पड़े, क्योंकि लोगों का मानना था कि उनके पिता के कारण उन्हें आसानी से मौके मिल गए।
फराह खान ने अपने कठिन संघर्ष और मेहनत से अपनी किस्मत बदली और आज वह बॉलीवुड की टॉप डायरेक्टर और कोरियोग्राफर्स में शामिल हैं। अपने संघर्षपूर्ण अतीत को पीछे छोड़कर वह आज लग्जरी लाइफ जी रही हैं और अपने करियर में सफलता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। आइए उनकी सफलता की कहानी के बारे में जानते हैं।
फराह खान का 60वां बर्थडे
फराह खान की कहानी सच में प्रेरणादायक है। बचपन में जब उनके पास रोजमर्रा की ज़रूरतें पूरी करना भी मुश्किल था, तब उन्होंने कभी हार नहीं मानी। आज 9 जनवरी को फराह अपना 60वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। आज फराह खान बॉलीवुड में एक सफल डायरेक्टर, कोरियोग्राफर और प्रोड्यूसर के रूप में पहचानी जाती हैं। उनकी मेहनत, लगन और संघर्ष से भरी जर्नी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। बचपन में जिन मुश्किलों का सामना उन्हें करना पड़ा, आज उनका नाम दुनियाभर में सम्मान के साथ लिया जाता है।
फराह खान के परिवार की कभी रही रईसी, फिर आया बुरा दौर
फराह खान का परिवार कभी बेहद संपन्न था। उनके पिता कामरान खान फिल्म डायरेक्टर थे और उस समय घर में किसी चीज की कमी नहीं थी। शानदार पार्टियों का आयोजन होता था, जिनमें बॉलीवुड के बड़े सितारे भी शामिल होते थे। लेकिन एक फिल्म ने सबकुछ बदल कर रख दिया। फराह के पिता ने अपनी पूरी पूंजी उस फिल्म में लगा दी, लेकिन जब फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई, तो बुरी तरह फ्लॉप हो गई। इस असफलता ने परिवार की आर्थिक स्थिति को झकझोर दिया। इस गम में फराह के पिता कामरान खान सदमे में आ गए और शराब के नशे में खुद को डुबा लिया। बाद में लीवर फटने के कारण उनकी मृत्यु हो गई। फराह के भाई साजिद ने भी बिग बॉस में इस दुख भरे अनुभव को साझा किया था।
पिता की मौत के बाद संघर्ष भरे 15 साल
पिता की मौत के बाद फराह और उनके भाई साजिद के लिए मुश्किल दिनों का दौर शुरू हुआ। पूरे 15 साल तक उन्हें संघर्ष का सामना करना पड़ा। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी बिगड़ी थी कि लोग उनके पिता के अंतिम संस्कार के लिए मदद देने से भी कतराते थे। साजिद और फराह जब भी किसी से मदद मांगते, अक्सर लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते। इसी कठिन समय में बॉलीवुड के जाने-माने हस्तियों ने हाथ बढ़ाया। सलमान खान के पिता और मशहूर राइटर सलीम खान ने फराह और साजिद की मदद की। सलीम खान ने उन्हें इतने पैसे दिए कि वे अपने पिता को सम्मानपूर्वक दफनाने में सक्षम हो सके।
फराह खान ने इंडियन आइडल में साझा किया अपना संघर्ष
फराह खान ने अपने कठिन दौर की कहानी ‘इंडियन आइडल 13’ में साझा की। उन्होंने बताया कि उनके पास रहने के लिए घर नहीं था और वह अपनी मां के साथ करीब 6 साल तक स्टोर रूम में रही। पिता के निधन के समय उनके पास केवल 30 रुपये ही थे। इस संघर्ष भरे दौर ने फराह की जिंदगी में कई कठिनाइयां पैदा की, लेकिन उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें बॉलीवुड में सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
डांस कोरियोग्राफी सफर
फराह खान ने पढ़ाई के साथ-साथ डांस कोरियोग्राफर बनने का सपना देखा। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि वे माइकल जैक्सन को अपना प्रेरणा स्रोत मानती थीं और उनके जैसे डांस करने की कोशिश करती थीं। फराह को पहला बड़ा मौका फिल्म ‘जो जीता वही सिकंदर’ में मिला, जब वह ऊटी में असिस्ट कर रही थीं। उस समय जो कोरियोग्राफर तय थी, वह वहां नहीं पहुंच पाई, और फराह से कहा गया, “तुम कोरियोग्राफी संभालो।” इसी मौके ने उनके करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में यादगार डांस सीक्वेंस को कोरियोग्राफ किया।
‘मैं हूं ना’ से टॉप डायरेक्टर बनीं फराह खान
फराह खान की किस्मत को सबसे बड़ा मोड़ मिला फिल्म ‘कभी हां कभी ना’ के सेट पर, जहां उनकी मुलाकात शाहरुख खान से हुई। दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो बाद में कई फिल्मों तक बनी रही। कोरियोग्राफी में फराह ने अपनी पहचान बनाई और 6 बार फिल्मफेयर का बेस्ट कोरियोग्राफी अवॉर्ड जीता। इसके बाद उन्होंने शाहरुख खान को लीड रोल में लेकर अपनी पहली डायरेक्शन फिल्म ‘मैं हूं ना’ बनाई। फिल्म ब्लॉकबस्टर रही और इसी के साथ फराह बॉलीवुड की टॉप डायरेक्टर बन गईं। इसके बाद उन्होंने कई और सफल फिल्में डायरेक्ट कीं और अपने करियर को और ऊंचाइयों तक पहुंचाया।





