नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड की फिटनेस क्वीन मलाइका अरोड़ा 49 साल की उम्र में भी बला की हसीन लगती है, बॉलीवुड के तमाम स्टार अक्सर अपनी फिट और एनर्जेटिक बने रहने के सीक्रेट को बताते रहते है जिसमें वे एक कड़ा अनुशासन फॉलो करते है इसमें जहा अक्षय कुमार और करीना कपूर जैसे स्टार लंबे समय से अपनी जल्दी सोने और जल्दी उठने की आदतों के लिए जाने जाते है तो वहीं अब इस ट्रेंड में मलाइका अरोड़ा भी शामिल हो गई है जिसमें उन्होनें अपनी फिटनेस का राज भी बताया है।
49 साल की उम्र में भी बॉलीवुड की फिटनेस क्वीन मलाइका अरोड़ा बला की हसीन लगती है लेकिन उनके इस फिटनेस का राज अब तक हर कोई जानने उत्सुक रहता था जिससे आज मलाइका अरोड़ा ने पर्दा उठा दिया है। आइए जानते है एक्ट्रेस की फिटनेस का राज
सूरज ढलने क बाद कुछ नहीं खाती हैं मलाइका अरोड़ा
दरअसल, एक अंग्रेजी अखबार और एक यूट्यूब चैनल पर बातचीत में मलाइका ने अपने फिटनेस को लेकर खुलासा किया है जिसमें उन्होंने शाम 7 बजे के बाद कुछ भी नहीं खाने की आदत के बारे में बताया। कहा, हर दूसरे दिन रुक-रुक कर फास्टिंग करती हैं।
मलाइका ने कहा, सनसेट के बाद शाम 7 बजे तक मैं खाना खा लेती हूं इसके बाद जो मैं मानती हूं, खाना न खाना मेरा लास्ट मील है। मैं अगले दिन तक कुछ भी नहीं खाने की कोशिश करती हूं। जल्दी उठती हूं, लेकिन कुछ नहीं खाती। मैं इसे घी से ही तोड़ती हूं। दोपहर 12 बजे मैं अपना पहला मील लेती हूं । अपने प्रॉपर खाने में मैं सबकुछ अच्छे से खाती हूं। चाहे वह चावल हो, रोटी हो, सब्जी हो, सब कुछ।
चिट डे कॉन्सेप्ट फॉलो नहीं करती हैं मलाइका
मलाइका ने आगे कहा कि ये तरीका उनके लिए बहुत कारगर है, खासकर तब जब वे 50 की उम्र के करीब है। एक निश्चित उम्र के बाद आप बहुत सी चीजों से जूझ रहे होते हैं। हां मैं कैलोरी नहीं गिनती और ना ही ऐसा कोई चीट डे के कॉन्सेप्ट अपनाती हूं। जिसमें एक दिन हर वो चीज भरपूर खाऊ जो मैं रोज नही खा पा रही। मैं और इस तरह की चीजों में विश्वास नहीं करती हूं।
मलाइका को इंटरमिटेंट फास्टिंग से मिला खूब फायदा
मलाइका को इंटरमिटेंट फास्टिंग से मिला खूब फायदा, वे आगे बताती है कि, मैं उतना ही खाऊँगी मुझे एक कटोरे से खाना पसंद है, यह एक निश्चित साइज का बाउल होता है। यह एक गेम-चेंजर रहा है। मैं बीच-बीच में उपवास करती हूं। यह मेरे लिए जादू की तरह काम करेगा। मुझे लगता है कि, मैं बेहतर नींद लेती हूं। मुझे भारीपन महसूस नहीं होता। फिर मैंने इसे हर दूसरे दिन करना शुरू कर दिया। डाइटिंग और उपवास के बीच एक बड़ा अंतर है, मैं खाती हूं लेकिन मैं उस समय में खाती हूँ, उस दिन केटाइम में वही खाती हूं।




