नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । 1962 के चीन-भारत युद्ध की वीरता और बलिदान को बड़े पर्दे पर उतारने वाली फरहान अख्तर स्टारर फिल्म ‘120 बहादुर’ को दिल्ली सरकार ने टैक्स-फ्री कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को यह ऐलान करते हुए कहा कि यह निर्णय उन 120 भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस को सलाम करने के लिए लिया गया है, जिन्होंने रेजांग ला की ऐतिहासिक लड़ाई में देश के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी थी। दिल्ली CM ने कहा- मेजर शैतान सिंह की बहादुरी हर भारतीय को प्रेरित करती है
CM रेखा गुप्ता ने इसे टैक्स-फ्री करते हुए कहा,
“यह फिल्म मेजर शैतान सिंह भाटी की प्रेरणादायक लीडरशिप और भारतीय सैनिकों की बहादुरी को दर्शाती है। उनके बलिदान ने हमारे मिलिट्री इतिहास में हिम्मत की नई मिसाल कायम की। बहादुर जवानों के सम्मान में दिल्ली सरकार ने 28 नवंबर से फिल्म को टैक्स-फ्री घोषित किया है। फिल्म में फरहान अख्तर मेजर शैतान सिंह की भूमिका निभा रहे हैं- वही वीर कमांडर जिनके नेतृत्व में 120 भारतीय जवानों ने 2000 से अधिक चीनी सैनिकों को रोककर आजादी की लौ जलाए रखी। यह लड़ाई भारतीय सेना के इतिहास में “सबसे बड़े अंतिम स्टैंड” के तौर पर दर्ज है।
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राजनीतिक हस्तियों ने की तारीफ-
फिल्म को लेकर राजनीतिक जगत से भी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ‘120 बहादुर’ को “एक अच्छे संदेश वाली अच्छी फिल्म” बताया।
उनकी इस प्रशंसा पर फरहान अख्तर ने धन्यवाद देते हुए कहा,
बहुत-बहुत धन्यवाद अखिलेश जी। पूरी टीम के लिए यह गर्व की बात है कि आपने फिल्म देखकर उसकी सराहना की।”
क्रिटिक्स ने सराहा, बॉक्स ऑफिस पर धीमी रफ्तार
हालांकि ‘120 बहादुर’ को आलोचकों ने अच्छी रेटिंग दी है, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसका प्रदर्शन औसत रहा। फिल्म ने पहले हफ्ते में भारत में करीब ₹15 करोड़ नेट का बिज़नेस किया। रजनीश घई के निर्देशन और एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी इस फिल्म में राशि खन्ना, विवान भटेना और अंकित सिवाच भी अहम भूमिकाओं में नज़र आते हैं।
वीरता को समर्पित सिनेमाई श्रद्धांजलि
दिल्ली में टैक्स-फ्री होने के बाद माना जा रहा है कि फिल्म की कमाई और लोकप्रियता में बढ़ोतरी होगी। ‘120 बहादुर’ न सिर्फ एक युद्ध कथा है, बल्कि उन शहीदों को समर्पित एक भावपूर्ण सिनेमाई श्रद्धांजलि है, जिन्होंने रेजांग ला की बर्फीली चोटियों पर भारत की मर्यादा की रक्षा की।





