नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। शहर के मेला मैदान में आयोजित मशहूर गायक कैलाश खेर का म्यूजिक कॉन्सर्ट उस वक्त हंगामे की भेंट चढ़ गया, जब दर्शकों की भीड़ बेकाबू हो गई। हालात इतने बिगड़े कि कैलाश खेर को मंच से ही दर्शकों से संयम बरतने की अपील करनी पड़ी और अंततः शो बीच में ही छोड़ना पड़ा।यह कार्यक्रम भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। दिन में इसी मंच पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ था, लेकिन शाम होते-होते माहौल बदल गया।
मंच के पास बढ़ी भीड़, बिगड़ा माहौल
कॉन्सर्ट शुरू होने के कुछ समय बाद ही बड़ी संख्या में लोग मंच के पास पहुंचने लगे। सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश और धक्का-मुक्की से अव्यवस्था फैल गई। हालात को देखते हुए कैलाश खेर ने गाना रोककर दर्शकों से अपील की, कृपया सभ्यता का परिचय दीजिए, जानवरों की तरह व्यवहार मत कीजिए।
पुलिस से सुरक्षा की अपील भी बेअसर
कैलाश खेर ने मंच पर मौजूद कलाकारों की सुरक्षा को लेकर पुलिस से भी हस्तक्षेप का आग्रह किया, लेकिन स्थिति पर काबू नहीं पाया जा सका। भीड़ के लगातार मंच की ओर बढ़ने से खतरा बढ़ता देख गायक ने शो बीच में ही बंद करने का फैसला किया।
हाउसफुल शो, अव्यवस्था बनी कारण
कैलाश खेर से मिलने की चाह में मेला मैदान में भारी भीड़ उमड़ी थी। शो पूरी तरह हाउसफुल था और दर्शकों का उत्साह चरम पर था। हालांकि, कुछ लोगों की अनुशासनहीनता ने पूरे कार्यक्रम पर पानी फेर दिया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
दिन में उच्चस्तरीय कार्यक्रम के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली थी, लेकिन शाम के म्यूजिक कॉन्सर्ट में वही मुस्तैदी नजर नहीं आई। इस घटना के बाद आयोजकों और प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
कैलाश खेर अपने सादगी भरे अंदाज और सोलफुल गायकी के लिए जाने जाते हैं, लेकिन ग्वालियर में हुआ यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था कितनी जरूरी है।





