नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। बॉलीवुड के मशहूर गायक उदित नारायण का जन्म 1 दिसंबर 1955 को बिहार के सुपौल जिले में हुआ था। उनका परिवार मैथिल ब्राह्मण था। उनके पिता हरेकृष्ण झा किसान थे और मां भुवनेश्वरी देवी एक लोक गायिका थीं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सुपौल के जागेश्वर हाई स्कूल से की और फिर काठमांडू के त्रिभुवन विश्वविद्यालय से इंटरमीडिएट की डिग्री ली। आज गायक का जन्मदिन हैं इस अवसर पर आइए हम आपको उनके किस्से बताते हैं।
संगीत में रुचि और संघर्ष
उदित नारायण को बचपन से ही संगीत में रुचि थी। वे रेडियो पर मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर के गाने सुनते थे। उनकी मां ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया जबकि पिता को यह पसंद नहीं था कि उनका बेटा गाने में रुचि रखता है। उन्होंने काठमांडू में रेडियो पर काम किया और फिर मुंबई आकर भारतीय शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ली।
बॉलीवुड में प्रवेश
उदित नारायण को बॉलीवुड में पहला बड़ा ब्रेक 1988 में फिल्म क्यूएसक्यूटी से मिला। इस फिल्म का गाना ‘पापा कहते हैं’ बहुत हिट हुआ और उदित की आवाज को पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड में कई सुपरहिट गाने गाए जैसे लगान का ‘मितवा’ और ‘कयामत से कयामत तक का’ ‘पापा कहते हैं’।
दक्षिण भारत में सफलता
उदित की बॉलीवुड में कुछ समय बाद लोकप्रियता कम हो गई लेकिन दक्षिण भारतीय फिल्मों में उनकी लोकप्रियता बरकरार रही। उन्होंने 2000 से अधिक तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में गाने गाए। उनके साथ ए.आर. रहमान की जोड़ी भी सफल रही और उन्होंने कधलान जैसी फिल्म में काम किया।
व्यक्तिगत जीवन
उदित नारायण की शादी दीपा से हुई है और उनका एक बेटा आदित्य है जो खुद भी गायक हैं। आदित्य ने हाल ही में बॉलीवुड में अपनी शुरुआत की। हालांकि, उनके जीवन में कुछ कठिनाइयां भी आईं जैसे कि उनकी पहली पत्नी रंजना से अलगाव। लेकिन उन्होंने हमेशा अपनी जिंदगी को शांति से आगे बढ़ाया।
आज भी उनकी आवाज का जादू बरकरार है खासकर दक्षिण भारत में। उदित नारायण की आवाज में एक खास जादू है जो आज भी लोगों के दिलों में बसता है।




