नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महेश भट्ट जो बॉलीवुड का फेमस नाम है। अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जानेवाले मशहूर निर्देशक महेश भट्ट हाल ही में अपने एक ऐसे बयान के लिए चर्चां में बने हुए है जो इस समय देश में फैली नफरत और अलगाव के माहौल के बीच एकता और इंसानियत की मिसाल बन गया है।
उनके दिए बयान ने एकता और इंसानियत की मिसाल कायम की।
हिंदी सिनेमा के मशहूर डायरेक्टर रचनाकार और राईटर महेश भट्ट आज भले ही फिल्मों से दूरी बनाए हुए है लेकिन उनकी सोच और उनका किसी भी मुद्दे पर अपने अंदाज में राय रखना उन्हें सुर्खियों में बनाएं रखता है, फिर वो सामाजिक हो या मुद्दा हो या राजनीतिक हाल ही में ऐसा ही एक मामला आया है जिसमें उनके दिए बयान ने एकता और इंसानियत की मिसाल कायम किया है। हाल ही में एक इंटरव्यू में महेश भट्ट ने पहलगाम हमले को लेकर अपने बचपन की एक खास याद को शेयर किया।
मजहब के नाम पर दुश्मनी करने से सिर्फ नुकसान ही होता है।
जिसमें उन्होनें बताया कि, उनकी मां शिरीन मोहम्मद जो मुस्लिम महिला थी वे बचपन में अक्सर नहलाते समय मुझे एक बात बताया करती थी। महेश तू एक नागर ब्राह्मण का बेटा है, और तेरा गोत्र भार्गव है लेकिन जब कभी भी तूझे डर लगे तो ‘या अली मदद’ भी बोल दिया कर। ये शब्द मेरे मन में गहरा छाप छोड़ गया उस समय मेल-जोल की भावना उस दौर की खूबसूरती थी, जो आज के समय कहीं गूम होती जा रही है।
महेश भट्ट ने ये बयान ऐसे समय पर देकर धार्मिक भेदभाव की बातों पर रोक लगाई है, ऐसे माहौल में महेश भट्ट की यह बात एक संवेदनशील और इंसानियत भरा संदेश देती है कि मजहब के नाम पर दुश्मनी करने से सिर्फ नुकसान ही होता है।
हिंदी सिनेमा के मशहूर निर्देशक की वो भावूूक फिल्म
महेश भट्ट हिंदी सिनेमा के मशहूर निर्देशक ने अपने करियर में ऐसी कई फिल्में बनाई हैं जिनकी कहानियां दिल को छू जाती हैं। एक समय था जब उनकी हर फिल्म सुर्खियों में रहती थी। खास बात यह है कि उन्होंने एक फिल्म के जरिए अपनी मां शिरीन मोहम्मद अली की जिंदगी की सच्चाई को बड़े पर्दे पर उतारा जिसने दर्शकों को भावुक कर दिया और गहरी छाप छोड़ी थी। 76 वर्षीय आयु के महेश भट्ट उन प्रभावशाली फिल्ममेकर्स में से एक हैं। जिन्होनें ‘आशिकी’,दिल है कि मानता नहीं’, ‘सड़क’, ‘जख्म’ जैसी फिल्मों से समाज के कई भेदभाव व पहलुओं को छुआ है। जिसमें कई फिल्मों की स्क्रिप्ट भी उन्होनें खुद लिखी है। जिसमें से एक उनके खुद माता पिता के जीवन पर बनी फिल्म है जख्म जिसमें उनकी मां शिरीन मोहम्मद का किरदार उनकी बेटी पूजा भट्ट ने निभाया था।
‘जख्म’ में दिखाई मां की कहानी
साल 1998 में आई फिल्म जख्म ना केवल उनके जीवन की सबसे निजी फिल्मों में से एक थी। बल्कि, यह इस फिल्म से उन्होने समाज को भी अच्छा संदेश दिया था, जिसमें अजय देवगन, सोनाली बेंद्रे, और नागार्जुन जैसे मंझे कलाकारों ने किरदार निभाया था। इस फिल्म की सबसे बड़ी बात बॉक्स ऑफिस पर हिट होने के साथ ही इसके सारे गानों ने भी रिकॉर्ड तौर कमाई की थी अब इस फिल्म को आप अमेजन प्राइम वीडियो पर भी देख सकते है। जो आज भी लोगों के बीच काफी फेमस है।





