नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बाहुबली के कटप्पा के बिना उस महाकाव्य की कल्पना भी अधूरी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तमिल सिनेमा के दिग्गज अभिनेता सत्यराज कभी अपनी मां की मर्जी के खिलाफ जाकर फिल्मों में आए थे? आज 3 अक्टूबर को अपना जन्मदिन मना रहे सत्यराज का असली नाम रंगराज सुबय्या है। फिल्मी सफर आसान नहीं था, लेकिन मेहनत और जुनून ने उन्हें साउथ से लेकर बॉलीवुड तक का चमकता सितारा बना दिया।
मां नहीं चाहती थीं बेटा बने अभिनेता
एक इंटरव्यू में सत्यराज ने बताया कि जब उन्होंने फिल्मों में जाने की इच्छा जताई, तो उनकी मां ने साफ मना कर दिया था। लेकिन रंगराज सुबय्या की जिद के आगे किस्मत भी झुक गई। छोटे-छोटे किरदारों से शुरुआत करने वाले इस अभिनेता ने धीरे-धीरे अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनकी मां भले ही शुरुआत में खिलाफ थीं, लेकिन कटप्पा के किरदार ने साबित कर दिया कि बेटा गलत नहीं था।
600 से ज्यादा फिल्मों में किया अभिनय
सत्यराज ने अब तक 600 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया है। 1987 में आई फिल्म ‘अन्नाकिली’ से करियर की शुरुआत करने वाले सत्यराज को शुरू में साइड रोल ही मिलते थे। 1978 से 1985 तक उन्होंने करीब 75 फिल्मों में छोटे-बड़े रोल किए। पहली बार लीड रोल उन्हें फिल्म ‘सावी’ में मिला था, जिसने उन्हें साउथ के स्टारडम की सीढ़ियों पर चढ़ाया।
‘मुंज्या’ में भी दिखे सत्यराज, अब रजनीकांत के साथ
सत्यराज हाल ही में रिलीज़ हुई बॉलीवुड हॉरर-कॉमेडी ‘मुंज्या’ में भी नजर आए थे। वहीं अब खबरें हैं कि वे रजनीकांत की अगली फिल्म ‘कुली’ में भी दमदार रोल में दिख सकते हैं।
परिवार में भी फिल्मी छाप
सत्यराज का जन्म 3 अक्टूबर 1954 को तमिलनाडु में हुआ था। उन्होंने 1979 में महेश्वरी सत्यराज से विवाह किया। उनके बेटे सिबी सत्यराज भी एक अभिनेता हैं, जबकि बेटी दिव्या सत्यराज पेशे से डॉक्टर हैं।
बाहुबली से चेन्नई एक्सप्रेस तक, सब जगह छोड़ी छाप
बाहुबली, बाहुबली 2, चेन्नई एक्सप्रेस, नानबन, राजा रानी, और काना जैसी फिल्मों में सत्यराज ने अपने अभिनय से दिल जीत लिए। खास तौर पर ‘कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा?’ वाले संवाद के बाद तो वे हर घर का नाम बन गए।
सत्यराज की कहानी हर उस शख्स के लिए प्रेरणा है, जिसे कभी किसी ने कहा हो – “तुमसे नहीं होगा।” मां की मर्जी के खिलाफ गया बेटा, आज लाखों दिलों की धड़कन है। यही है सच्ची सफलता की कहानी।





