नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड के लोकप्रिय विलेन, दलीप ताहिल आज अपना 71वां जन्मदिन (30 अक्टूबर, 1952) मना रहे हैं। आगरा के रहने वाले दलीप ताहिल ने फिल्मों में विलेन का अवतार अपनाकर दर्शकों के दिलों में अपनी अलग पहचान बनाई, लेकिन उनके दिल में हमेशा हीरो बनने का सपना था।
थिएटर से फिल्मी सफर की शुरुआत
दलीप ताहिल ने अपनी पढ़ाई नैनीताल और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पूरी की। स्कूल के दिनों से ही अभिनय का शौक रखने वाले दलीप, नाटकों में भाग लेकर अभिनय की बुनियाद मजबूत कर रहे थे।बड़े पर्दे पर कदम रखने से पहले उन्होंने थिएटर में लंबा समय बिताया। यही अनुभव उनके अभिनय कौशल को निखारने में मददगार साबित हुआ।
संघर्षों से भरा बॉलीवुड सफर
दलीप ताहिल के लिए बॉलीवुड में पहचान पाना आसान नहीं था।
थिएटर के दौरान श्याम बेनेगल की नजर उन पर पड़ी और उन्हें 1974 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘अंकुर’ में काम मिला। हालांकि यह फिल्म उन्हें खास पहचान नहीं दे सकी।
इसके बाद छह साल तक उन्हें लगातार काम की तलाश रही। इस दौरान उन्होंने जिंगल्स, मॉडलिंग और विज्ञापन करके जीवन यापन किया।
रमेश सिप्पी की फिल्म ‘शान’ में छोटा सा नेगेटिव रोल उन्हें दर्शकों तक पहचान दिलाने वाला साबित हुआ। इस रोल के बाद उन्हें लगातार विलेन की भूमिकाओं के ऑफर मिलने लगे।
‘बाजीगर’ ने किया करियर का टर्निंग पॉइंट
साल 1993 में आई शाहरुख खान की फिल्म ‘बाजीगर’ दलीप ताहिल के करियर का सबसे बड़ा मोड़ रही।इस फिल्म में उनके दमदार अभिनय ने दर्शकों को रोमांचित किया। शाहरुख, काजोल और शिल्पा शेट्टी के साथ मुख्य नेगेटिव रोल निभाकर उन्होंने साबित कर दिया कि विलेन भी हीरो की तरह याद रखे जाते हैं।बाजीगर के बाद दलीप ताहिल ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और अब तक 100+ फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया।
71 साल की उम्र में भी कायम अभिनय का जादू
आज दलीप ताहिल भले ही विलेन के किरदारों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन उनका संघर्ष, मेहनत और थिएटर से बॉलीवुड तक का सफर दर्शाता है कि सच्चा कलाकार हर भूमिका में अपना जादू बिखेर सकता है।




