नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड अभिनेत्री और फिल्ममेकर रेणुका शहाणे ने हाल ही में ऐश्वर्या राय बच्चन को उनके लुक्स, कपड़ों और बॉडी को लेकर ट्रोल करने वालों को जमकर फटकार लगाई है, जहां उन्होंने कहा कि, एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की महिलाओं पर हमेशा स्लिम-ट्रिम और परफेक्ट दिखने का अनावश्यक दबाव रहता है। मां बनने के बाद भी महिलाओं को इस दबाव का सामना करना पड़ता है।
ऐश्वर्या के काम और अचीवमेंट्स को नज़रअंदाज न करें
रेणुका शहाणे ने ज़ूम के जरिए बातचीत में ट्रोलर्स को कड़ा संदेश देते हुए कहा, ऐश्वर्या ने इतने सालों तक देश का मान बढ़ाया है। वह कई बड़ी कंपनियों की ब्रांड ऐंबेसडर हैं और लगातार हमें रिप्रेजेंट कर रही हैं। क्या हमें उनके अचीवमेंट्स की तारीफ नहीं करनी चाहिए?उन्होंने आगे कहा, लोग अक्सर केवल लुक्स और पहनावे पर ध्यान देते हैं और उनके काम की सफलता या उपलब्धियों को नजरअंदाज कर देते हैं। हमें उन्हें उनकी मेहनत और योगदान के लिए सम्मान देना चाहिए।
सोशल मीडिया पर बढ़ा दबाव
रेणुका ने सोशल मीडिया के दौर में महिला कलाकारों पर बढ़ते दबाव को स्वीकार करते हुए कहा, “सोशल मीडिया ने महिलाओं के लिए अलग ही चुनौती खड़ी कर दी है। हर कदम पर जजमेंट लेना, लगातार आलोचना झेलना और लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना… यह महिला एक्टर्स के लिए बहुत मुश्किल है।”
मातृत्व के बाद भी दबाव
रेणुका ने कहा कि महिला कलाकार मां बनने के बाद भी अक्सर ट्रोल और आलोचना का सामना करती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “मां बन जाने के बाद भी लोग चाहते हैं कि आप वैसी ही छरहरी और परफेक्ट दिखें। यह ठीक नहीं है।”
ट्रोलर्स को दी सीधी चेतावनी
रेणुका ने स्पष्ट कहा, हम क्या सोच रहे हैं कि ‘ओह, इसने ये पहना तो ठीक नहीं था’? अगर आपके पास कुछ अच्छा बोलने को नहीं है, तो कृपया अपना मुंह बंद रखिए। महिलाओं को उनके शरीर, कपड़े या निजी जीवन के लिए जज करना बंद करना चाहिए।
रेणुका शहाणे का वर्क फ्रंट
वर्क फ्रंट की बात करें तो रेणुका शहाणे हाल ही में मराठी फिल्म ‘देवमानुस’ में नजर आई थीं। इसके अलावा वे समाज में महिलाओं के सशक्तिकरण और बॉलीवुड में महिला कलाकारों के अधिकारों के लिए भी सक्रिय रहती हैं।
रेणुका शहाणे की यह प्रतिक्रिया केवल ऐश्वर्या राय के लिए ही नहीं, बल्कि बॉलीवुड की सभी महिला कलाकारों के लिए एक मजबूत संदेश है। उन्होंने साफ कहा कि महिलाओं को उनके शरीर, कपड़े या मातृत्व के आधार पर जज करना बंद करना चाहिए और उन्हें उनके योगदान और मेहनत के लिए सम्मान देना चाहिए।





