back to top
28.1 C
New Delhi
Tuesday, March 3, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Bhopal Gas tragedy: कोर्ट में पेश हुए डाउ केमिकल के वकील, कहा- अदालत के पास केस की सुनवाई का न्याय अधिकार नहीं

Bhopal: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में साल 1984 में हुई दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी भोपाल गैस कांड के मामले में मंगलवार को जिला अदालत में सुनवाई हुई।

भोपाल, हि.स.। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में साल 1984 में हुई दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी भोपाल गैस कांड के मामले में मंगलवार को जिला अदालत में सुनवाई हुई। पहली बार डाउ केमिकल (यूनियन कार्बाइड) के वकील जिला अदालत में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट में कंपनी का पक्ष रखते हुए कहा कि भारत की अदालत के पास अमेरिकी कंपनी के खिलाफ केस की सुनवाई का न्याय अधिकार नहीं है। वकीलों ने कोर्ट से डिटेल ऑब्जेक्शन फाइल करने के लिए और समय मांगा। जिला कोर्ट ने अगली तारीख 25 नवंबर तय की है।

डाउ केमिकल की तरफ से अधिवक्ता पेश हुए

मजिस्ट्रेट विधान माहेश्वरी की कोर्ट में मंगलवार को गैस त्रासदी मामले में सुनवाई हुई। इसमें डाउ केमिकल की तरफ से अधिवक्ता संदीप गुप्ता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता रवींद्र श्रीवास्तव पेश हुए, जबकि याचिकाकर्ता भोपाल ग्रुप फॉर इन्फॉर्मेशन एंड एक्शन के वकील अवि सिंह ऑनलाइन जुड़े। इससे पहले अदालत डाउ केमिकल को छह समन जारी कर चुकी थी। सातवें समन पर कंपनी के वकील कोर्ट में हाजिर हुए।

कंपनी के खिलाफ केस चलाने का कोई अधिकार नहीं

अधिवक्ता संदीप गुप्ता ने बताया कि यह कंपनी अमेरिका में है। इसलिए भोपाल के न्यायालय के क्षेत्राधिकार में नहीं आती है। कंपनी के खिलाफ केस चलाने का कोई अधिकार नहीं है। हमने कहा है कि अगली तारीख को विस्तृत आब्जेक्शन फाइल करेंगे।

इस पर सीबीआई के वकील ने कोई आपत्ति नहीं की। सिर्फ याचिकाकर्ता के वकील अवि सिंह ने आपत्ति ली थी। उनका कहना था कि 2004 में हाईकोर्ट से न्यायशास्त्र के बिन्दू पर इनकी याचिका खारिज की गई थी। ऐसे में अब न्यायशास्त्र को चैलेंज नहीं कर सकते। हमने जवाब में कहा कि याचिका खारिज हुई तब वह डाउ इंडिया लिमिटेड सिंगापुर की कंपनी थी। अब यह डाउ केमिकल प्राइवेट लिमिटेड यूएस की कंपनी है। इसलिए हमें न्यायशास्त्र को चैलेंज करने का पूरा अधिकार है। कोर्ट ने हमारी बात सुनी है और सुनवाई के लिए 25 नवंबर की तारीख दी है।

डाउ केमिकल कंपनी के वकील पेश हुए

भोपाल ग्रुप फॉर इन्फॉर्मेशन एंड एक्शन की टीम में शामिल वकील सार्थक तोमर ने कहा कि मंगलवार को पहली बार इस केस में डाउ केमिकल कंपनी के वकील पेश हुए। उन्होंने कहा कि वे पूरी तरह से उपस्थित नहीं हुए हैं। उन्होंने समय मांगा था। जिस पर वरिष्ठ वकील अवि सिंह ने कहा कि भारत के क्रिमिनल कानून में ऐसी कोई जगह नहीं है जहां आप इस तरह से उपस्थित हो सकते हैं।

भोपाल गैस त्रासदी पीड़ितों को अब तक न्याय नहीं मिला

गैस पीड़ित महिला कर्मचारी संघ की अध्यक्ष रशीदा बी का कहना है कि भारत में पहली बार विदेशी कंपनी अदालत में हाजिर हुई है। हमारी जीत यह है कि इस मामले को लेकर अमेरिका के सांसदों को पत्र लिखना पड़ा। जिसके चलते कंपनी भोपाल की अदालत में पेश हुई। उम्मीद है कि वे आगे भी पेश होंगे और भोपाल के गैस पीड़ितों को इंसाफ मिलेगा।

गौरतलब है कि भोपाल में 2-3 दिसंबर 1984 की दरमियानी रात यूनियन कार्बाइड कंपनी से मिथाइल आइसोसाइनेट (मिक) नामक जहरीली गैस का रिसाव हुआ था, जिसमें 15 हजार से अधिक लोग मौत की नींद सो गए थे और लाखों लोग शारीरिक अपंगता से लेकर अंधेपन के भी शिकार हुए। इस गैस त्रासदी का दंश आज भी भोपाल के लोग झेल रहे हैं, लेकिन पीड़ितों को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है।

डाउ केमिकल कंपनी यूनियन कार्बाइड को क्यों बचा रहा है

भोपाल ग्रुप फॉर इन्फॉर्मेशन की तरफ से रचना ढींगरा ने बताया कि 1984 में घटी इस घटना को लेकर पहली एफआईआर 1987 में फाइल हुई थी। इसके बाद 1992 यूनियन कार्बाइड कंपनी को भगोड़ा घोषित कर दिया था।

2001 में यूनियन कार्बाइड कंपनी को डाउ केमिकल ने खरीद लिया। तब डाउ केमिकल से हमने कहा था कि आप कंपनी को खरीद रहे हैं तो आपको उसकी सारी जिम्मेदारियां अपनानी होगी। कंपनी ने अमेरिका में ऐसी ही जिम्मेदारियां अपनाई है। जबकि भोपाल गैस कांड के लिए दोहरे मापदंड क्यों हैं।

इसी को लेकर 2004 में भोपाल ग्रुप फॉर इन्फॉर्मेशन ने याचिका दायर की थी, जिसमें हमने कहा था भगोड़ी अपराधी कंपनी को शरण देने वाली डाउ केमिकल को अदालत में बुलाकर पूछिए कि वह यूनियन कार्बाइड को क्यों बचा रहे हैं? क्योंकि हमारे देश में भगोड़े को शरण देना भी एक अपराध है।

अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

Advertisementspot_img

Also Read:

सुप्रीम कोर्ट ने NCERT कंटेंट पर जताई थी आपत्ति, CJI ने बताई साजिश, 11 मार्च को होगी सुनवाई

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। देश की शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट ने कक्षा 8 की एक पुस्तक में न्यायपालिका को लेकर प्रकाशित कथित आपत्तिजनक सामग्री पर कड़ा रुख...
spot_img

Latest Stories

Amitabh Bachchan ने सोशल मीडिया पर किया ऐसा ट्वीट, फैंस में मचा तहलका

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन सोशल...

बंगाल से राज्यसभा की दौड़ में नई एंट्री, ममता बनर्जी ने किया नॉमिनेट, आखिर कौन हैं कोयल मल्लिक?

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की...

The Kerala Story 2 Day 1 Collection: कंट्रोवर्सी के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूत ओपनिंग

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कोर्ट केस और सियासी विवादों के...

तेहरान समेत ईरान के कई इलाकों में विस्फोट, इजरायल की बड़ी सैन्य कार्रवाई का दावा

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अंतरराष्ट्रीय माहौल आज 28 फरवरी 2026...