केस की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा था कि अग्निवीर का कैडर बिल्कुल अलग है और भारतीय सेना की दी गई उनकी चार साल की सेवा को रेगुलर सर्विस नहीं माना जाएगा।