नई दिल्ली, 7 दिसम्बर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने पीएमएलए के तहत उनके और उनके बेटे के खिलाफ दर्ज एक मामले के संबंध में भारतीय वन सेवा के एक पूर्व अधिकारी अभय कांत पाठक के आवासीय परिसर की तलाशी ली। मामला उनके द्वारा अर्जित आय से अधिक संपत्ति से भी संबंधित है। ईडी के एक अधिकारी ने कहा कि तलाशी के दौरान उनके पास से कई चीजें और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए। ईडी अधिकारी ने कहा, हमने एक टाटा हैरियर कार, दस्तावेज और अन्य सबूत बरामद किए हैं, जो हमारे मामले के लिए महत्वपूर्ण होंगे। अभय और उनके बेटे आकाश के पास कथित तौर पर 9.3 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति थी। एक जांच के बाद राज्य सतर्कता (विजिलेंस) निदेशालय (भुवनेश्वर) ने उन्हें 2020 में गिरफ्तार किया था। सतर्कता (विजिलेंस) विभाग ने तब ईडी से उनकी संपत्ति का पता लगाने और यदि संभव हो तो मामला दर्ज करने का अनुरोध किया था। अनुरोध मिलने के बाद ईडी ने पीएमएलए का मामला दर्ज करने का फैसला किया और जांच शुरू कर दी थी। जांच के दौरान एक विधायक प्रदीप पाणिग्रही भी ईडी के रडार पर आये थे। यह आरोप लगाया गया था कि आईएफएस अधिकारी और पाणिग्रही के बेटे आकाश ने कथित तौर पर बेरोजगार लोगों को टाटा मोटर्स में नौकरी देने का वादा किया था। गौरतलब है कि पाणिग्रही को स्थानीय अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया था। ईडी ने आकाश के बैंक स्टेटमेंट को स्कैन किया और उन्हें संदिग्ध पाया, जिस पर उनके पिता अभय से पूछताछ की गई। जांच अभी भी जारी है। ईडी ने कहा कि अगर वे कोई कड़ी कार्रवाई करते हैं, तो वे चल रही जांच के बारे में अपडेट करेंगे। –आईएएनएस एचके/एएनएम





