देश में तेजी से पैर पसार रहा साइबर क्राइम, ऐसे हो रही साइबर ठगी, साइबर क्राइम में यूपी सबसे आगे

देश में बढ़ते साइबर क्राइम को देखते हुए संसद में पेश की गई रिपोर्ट ने दावा किया गया है कि साइबर अपराधियों का सबसे ज्यादा शिकार उत्तर प्रदेश हुआ है। जबकि दूसरे नंबर पर आर्थिक राजधानी महाराष्ट्र है।
UP is at the forefront in cyber crime
UP is at the forefront in cyber crimeSocial media

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज के दौर में तकनीक की दुनिया ने लोगों को  जितनी सहूलियतें प्रदान की है। उससे कहीं ज्यादा तो इस तकनीक ने उन्हे बर्बाद  करके रख दिया है। साइबर अपराध इस समय में देश के लिए चुनौती बनता जा रहा है। इस साइबर अपराध की चपेट में आम आदमी से लेकर बिजनेसमैन और शिक्षित वर्ग भी आ रहा है। अपराधियों ने पांच राज्यों को अपना सबसे ज्यादा शिकार बनाया है। इसमें देश का सबसे बड़ा सूबा उत्तर प्रदेश साइबर ठगी मामले में पहले स्थान पर है। जबकि आर्थिक राजधानी महाराष्ट्र दूसरे और गुजरात तीसरे स्थान पर है। हाल ही में संसद में केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा ने एक रिपोर्ट पेश की। जिसमें दावा किया गया है कि बीते वर्ष 2022-2023 में साइबर अपराधियों ने सबसे ज्यादा शिकार उत्तर प्रदेश में किया। उन्होंने लगभग 2 लाख लोगों के साथ ठगी को अंजाम दिया। इसमें 721.1 करोड़ रुपए की ठगी शामिल है। आपको बता दें कि साइबर अपराध में  महाराष्ट्र की संख्या 1 लाख 30 हजार , गुजरात में 1 लाख 20 हजार , वहीं राजस्थान और हरियाणा में 80-80 हजार मामले दर्ज किए गए थे।  यूपी में सबसे ज्यादा केस ऐसे समय पर हो रहे है। जब साइबर क्राइम से निपटने यूपी के 16 जिलों में साइबर थाने संचालित हो रहे है।

यहां से हो रही सबसे ज्यादा ठगी

साइबर अपराधी ठगी करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। कभी फर्जी बैंक कर्मचारी बनकर ठगी,  कभी ऑनलाइन वर्क के नाम पर ठगी, तो कभी फर्जी कंपनी बनाकर ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे रहे है।  इसी तरह अनजान नंबर से कॉल करके, एसएमएस भेजकर , व्हाट्स ऐप या मेल पर फर्जी लिंक भेजकर ठगों कर रहे है। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा जिस मामले में लोग ठगी का शिकार हुए है। उसमें सेक्सटॉर्शन और फ्रेंडशिप की वजह सबसे ज्यादा है। जानकारी के मुताबिक साइबर अपराधी  फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, मैट्रीमोनियल साइट बनाकर ठगी कर रहे है। अपराधी आम लोगो से लेकर खास लोगों को चूना लगाने में हर वो पैंतरा आजमा रहे हैं। जिससे वो ठगी कर सकें। इसमें सरकारी योजना के नाम पर ठगी , और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग कर आवाज बदलकर चपत लगाने में जुटे हैं।

क्या होती है सेक्सटॉर्शन ठगी?

इस तरह की ठगी करने के लिए अपराधियों का एक गैंग होता है। इस अपराध में महिलाएं और लड़कियां भी शामिल होती हैं। अपराधी सोशल मीडिया पर आम से खास लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। अपराध की शुरुआत सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर  फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज कर की जाती है। इसके बाद धीरे-धीरे बातचीत शुरू हो जाती है। फिर मोबाइल नंबर का आदान-प्रदान करके अश्लील बातचीत शुरू हो जाती है। अश्लील वीडियो कॉलिंग भी की  जाती है। इसके बाद अपराधी  वीडियो को सेव कर  ब्लैकमेल किया जाता है और फिर यहीं से ठगी को अंजाम दिया जाता है। और फिर सेक्सटॉर्शन ठगी में अच्छे अच्छे चपेट में आ जाते है।

सेक्सटॉर्शन ठगी से कैसे बचें?

मौजूदा समय में ज्यादातर लोग एंड्राइड मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए सावधानी रखना बहुत जरूरी है। सोशल मीडिया पर साइबर क्राइम से बचने के लिए अंजान व्यक्ति से दोस्ती करने से दूरी बनानी चाहिए। जान पहचान की महिला और लड़की की रिक्वेस्ट को ही स्वीकार करें। अपना फोन नंबर , आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड की जानकारी हर किसी से साझा ना करें। व्हाट्स ऐप पर किसी अंजान नंबर से विडियो कॉल ना उठाएं। अगर आपको कोई ब्लैकमेल कर रहा है तो तुरंत पुलिस से शिकायत करें।

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